डब्ल्यूआरआई इंडिया के सहयोग से 100 से अधिक स्वच्छता सैनिकों को दिया गया प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण की दिलाई गई शपथ

गुरुग्राम, 16 अक्टूबर। मिशन प्रदूषण मुक्त गुरुग्राम के तहत नगर निगम गुरुग्राम द्वारा डब्ल्यूआरआई इंडिया के सहयोग से खुले में कचरा जलाने की रोकथाम के लिए कम्युनिटी सेंटर, बादशाहपुर में विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता सैनिकों को खुले में कचरा जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा इसकी रोकथाम के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम में नगर निगम गुरुग्राम की संयुक्त आयुक्त सपना यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में नगर निगम गुरुग्राम के वार्ड नंबर 18 की पार्षद ज्योति जैलदार, सफाई निरीक्षक जितेंद्र, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर कुलदीप हिन्दुस्तानी एवं आईईसी विशेषज्ञ प्रिंका यादव ने शिरकत की। कार्यशाला में 100 से अधिक स्वच्छता सैनिकों ने भाग लिया।

इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त सपना यादव ने स्वच्छता सैनिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त गुरुग्राम के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने खुले में कचरा जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने, नागरिकों को जागरूक करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया।
पार्षद ज्योति जैलदार ने कहा कि खुले में कचरा जलाना पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और लोगों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने स्वच्छता सैनिकों से आह्वान किया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में खुले में कचरा जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सजग रहें तथा नागरिकों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त गुरुग्राम का निर्माण जनभागीदारी और सभी के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
डब्ल्यूआरआई इंडिया की ओर से आदित्य एवं दीप पोनीकर ने सभी स्वच्छता सैनिकों को प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान खुले में कचरा जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा ऐसी घटनाओं की रोकथाम के प्रभावी उपायों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, स्वच्छता सैनिकों को अपने कार्यक्षेत्र में सतर्कता बरतने और नागरिकों को खुले में कचरा न जलाने के लिए जागरूक करने के महत्व से अवगत कराया गया।









