मंडियों में भीगे अनाज पर विद्रोही ने उठाए सवाल

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बारिश से बचाव और उठान में जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप; 8.72 लाख मीट्रिक टन अनाज भीगने का दावा

रेवाडी, 16 अक्टूबर 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा की मंडियों में खुले में पड़े अनाज को बारिश से बचाने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी के बावजूद पर्याप्त तिरपाल, क्रेट और समय पर उठान की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे किसानों की बिक्री के लिए आई फसल और पहले से खरीदा गया अनाज भीग गया।

विद्रोही ने दावा किया कि मौसम विभाग ने 15 और 16 अक्टूबर को हरियाणा में भारी बारिश की संभावना पहले ही जता दी थी। इसके बावजूद मंडियों में खुले में पड़े धान और बाजरे को सुरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। उनके अनुसार, खरीदी जा चुकी फसल का समय पर उठान और उसे ढकने की व्यवस्था होती तो नुकसान से बचाया जा सकता था।

अनाज खराब होने के पीछे मिलीभगत का आरोप

विद्रोही ने आरोप लगाया कि अनाज का भीगना और खराब होना केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि भाजपा-संघ से जुड़े नेताओं, कुछ प्रशासनिक अधिकारियों और कारोबारियों की कथित मिलीभगत का परिणाम है। उनका आरोप है कि खराब अनाज को शराब कारखानों को औने-पौने दाम पर बेचकर अनुचित लाभ कमाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों से इस तरह की गतिविधियों के जरिए बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ उठाया गया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों की फसल भीगने के बाद उसकी गुणवत्ता का हवाला देकर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद से बचने की स्थिति पैदा की जाती है। इससे किसान कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर होते हैं और कुछ व्यापारियों को फायदा मिलता है।

बचाव की व्यवस्था और उठान पर सवाल

विद्रोही ने अपने बयान में प्रदेश की मंडियों में 8.72 लाख मीट्रिक टन अनाज भीगने का दावा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि बारिश की पूर्व सूचना मिलने के बावजूद पर्याप्त तिरपाल और क्रेट का प्रबंध क्यों नहीं किया गया तथा खरीदे गए अनाज को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर क्यों नहीं पहुंचाया गया।

उनका कहना है कि मंडियों में फसल की सुरक्षा के लिए पर्याप्त समय रहते इंतजाम करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन व्यवस्थाओं की अनदेखी का नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।

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Author: Bharat Sarathi

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