‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान तेज करेगी कांग्रेस

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संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह 17 से 19 अक्टूबर तक करेंगे ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शनों का नेतृत्व

फर्रुखनगर में 17 अक्टूबर को प्रदर्शन, गुरुग्राम में 18 को मशाल मार्च; 24 अक्टूबर तक चलेगा प्रदेशव्यापी अभियान

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत प्रदेशभर में ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शनों और जनसंपर्क कार्यक्रमों को तेज करने की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार, 14 अक्टूबर से शुरू हुआ अभियान 24 अक्टूबर तक चलेगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह 17 से 19 अक्टूबर तक विभिन्न जिलों में आयोजित विरोध प्रदर्शनों और मशाल मार्च का संयुक्त रूप से नेतृत्व करेंगे। दोनों नेता दूसरे चरण में 22 से 24 अक्टूबर तक भी कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिसका विस्तृत कार्यक्रम अलग से जारी किया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी विज्ञप्ति में दावा किया गया कि अभियान को हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक समर्थन मिल रहा है और पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। कांग्रेस ने अभियान का उद्देश्य लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के साथ चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित कराना बताया है।

फर्रुखनगर से शुरू होगा तीन दिवसीय दौरा

जारी कार्यक्रम के अनुसार, संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह 17 अक्टूबर को गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। इसी दिन बाढड़ा में प्रदर्शन और कैथल में मशाल मार्च आयोजित किया जाएगा। अगले दिन तोशाम व हांसी में विरोध प्रदर्शन तथा गुरुग्राम में मशाल मार्च होगा। 19 अक्टूबर को दोनों नेता नीलोखेड़ी और राई में आयोजित कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे।

शनिवार, 17 अक्टूबर

  • फर्रुखनगर, गुरुग्राम: सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शन।
  • बाढड़ा, चरखी दादरी: दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शन।
  • कैथल: शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक ब्लॉक स्तरीय मशाल मार्च।

रविवार, 18 अक्टूबर

  • तोशाम, भिवानी: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शन।
  • हांसी: दोपहर 1:30 बजे से अपराह्न 3 बजे तक ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शन।
  • गुरुग्राम: शाम 6:30 बजे से रात 8 बजे तक ब्लॉक स्तरीय मशाल मार्च।

सोमवार, 19 अक्टूबर

  • नीलोखेड़ी, करनाल: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शन।
  • राई, सोनीपत: दोपहर 1:30 बजे से अपराह्न 3 बजे तक ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शन।
दिल्ली के मार्च के बाद अभियान को विस्तार

प्रदेश कांग्रेस ने बताया कि 12 अक्टूबर को दिल्ली में सर्वोच्च न्यायालय की ओर आयोजित कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ गठबंधन के ‘लोकतंत्र बचाओ’ विरोध मार्च के बाद आंदोलन को ब्लॉक स्तर तक विस्तार दिया जा रहा है। पार्टी ने दिल्ली के कार्यक्रम को सफल बताते हुए कहा कि इसमें हरियाणा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली के मार्च में कथित चुनावी अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी। कांग्रेस का कहना है कि अब चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक जवाबदेही का संदेश प्रत्येक ब्लॉक, गांव और घर तक पहुंचाया जाएगा।

पार्टी ने बताया कि अभियान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व तथा सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव संगठन के.सी. वेणुगोपाल सहित वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।

मतदाता सूचियों से जुड़े आरोपों की जांच की मांग

कांग्रेस ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की आधारशिला हैं। मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर, पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने, अनधिकृत नाम जोड़े जाने और चुनावी प्रशासन में पारदर्शिता की कमी से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव कराने के साथ चुनावी प्रक्रिया के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना भी है। पार्टी ने मांग की कि मतदाता सूचियों की तैयारी और संशोधन से संबंधित निर्णयों एवं अभिलेखों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो।

ब्लॉक स्तर पर मार्च, रैलियां और जनसंपर्क

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 14 से 24 अक्टूबर के बीच प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। इनमें विरोध मार्च, साइकिल रैलियां और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अन्य जनसंपर्क गतिविधियां शामिल होंगी।

पार्टी ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रमों के तहत मार्च महात्मा गांधी अथवा डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थल से शुरू होकर उपमंडल अधिकारी कार्यालय या स्थानीय प्रशासनिक मुख्यालय तक जाएंगे। कार्यक्रमों के समापन पर नेता और कार्यकर्ता सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का पाठ करेंगे तथा संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और मताधिकार की रक्षा का संकल्प लेंगे।

कांग्रेस ने अपने कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला दहन भी शामिल किया है। पार्टी का कहना है कि इसके माध्यम से चुनावी व्यवस्था में जवाबदेही की मांग दर्ज कराई जाएगी। विज्ञप्ति में सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने की बात कही गई है।

जिला और ब्लॉक अध्यक्ष संभालेंगे समन्वय

अभियान में वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और पूर्व विधानसभा प्रत्याशियों के साथ जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी के अग्रिम संगठन, विभाग, प्रकोष्ठ और स्थानीय कार्यकर्ता भी कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां संबंधित जिला प्रभारियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगी। उन्हें जनसंपर्क, अधिकतम भागीदारी, अनुशासन और कार्यक्रमों के प्रभावी आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस नेतृत्व ने संगठन के सभी स्तरों से अभियान को गांवों और मोहल्लों तक पहुंचाने का आह्वान किया है।

कांग्रेस ने दोहराईं अपनी प्रमुख मांगें

प्रदेश कांग्रेस ने अभियान के तहत चुनावी प्रक्रिया से संबंधित अपनी मांगें भी दोहराई हैं। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे से लेकर मतदाता सूचियों की समीक्षा और मतपत्र आधारित मतदान व्यवस्था लागू करने तक कई मुद्दे उठाए हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा और कार्रवाई: कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के कामकाज और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने कथित अवैध गतिविधियों का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी और उचित आपराधिक कार्रवाई की मांग भी की है। कांग्रेस का तर्क है कि संबंधित आरोपों की जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

चुनावी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच: कथित वोट चोरी, चुनावी हेरफेर और मतदाता सूचियों की तैयारी तथा संशोधन में अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र, व्यापक और समयबद्ध जांच कराई जाए।

मतदाता सूचियों की पूरी समीक्षा: वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन संबंधी कार्रवाई की समीक्षा की जाए। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो।

पात्र मतदाताओं के नाम बहाल हों: जिन पात्र नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें मतदाता सूचियों में पुनः शामिल किया जाए। कांग्रेस ने अपने दावे के अनुसार हटाए गए 13 करोड़ 30 लाख नामों का मुद्दा उठाते हुए सत्यापन और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के बाद पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की है।

चुनावी अभिलेखों में पारदर्शिता: निर्वाचन आयोग चुनावी प्रक्रिया से संबंधित प्रासंगिक आंकड़े, अभिलेख और निर्णय सार्वजनिक करे, ताकि निष्पक्षता एवं सत्यापन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हो।

जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई: निष्पक्ष जांच में चुनावी अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।

हरियाणा विधानसभा चुनाव की समीक्षा: वर्ष 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा लगाए गए वोट चोरी एवं चुनावी हेरफेर के आरोपों की स्वतंत्र जांच और समीक्षा कराई जाए।

मुख्यमंत्री से नए जनादेश की मांग: कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग करते हुए नए विधानसभा चुनाव के माध्यम से दोबारा जनादेश प्राप्त करने की चुनौती दी है।

मतपत्र से चुनाव कराने की मांग: पार्टी ने वर्तमान ईवीएम आधारित मतदान प्रणाली समाप्त कर भविष्य के चुनाव मतपत्रों से कराने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, सत्यापन और जनता का विश्वास मजबूत होगा।

मतदाता सूचियों में सुरक्षा उपाय: पात्र मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाने, अनधिकृत नाम जोड़ने और अन्य प्रकार की कथित हेरफेर रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक भय, भेदभाव और हस्तक्षेप से मुक्त होकर मतदान कर सके।

निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता की रक्षा: पार्टी ने आयोग की स्वतंत्रता और संवैधानिक अखंडता बनाए रखने की मांग करते हुए कहा कि चुनावी संस्थाओं को निष्पक्ष तथा संविधान और जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए।

हरियाणा के जनादेश पर उठाए सवाल

प्रदेश कांग्रेस ने दोहराया कि वह वर्ष 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों की पारदर्शी जांच चाहती है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव में मतदाताओं के जनादेश से समझौता हुआ। कांग्रेस ने कहा कि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच से ही तथ्य सामने आ सकते हैं और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास मजबूत हो सकता है।

पार्टी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार से इन सवालों का जवाब देने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को अपने जनादेश पर भरोसा है तो उसे नए चुनाव के माध्यम से जनता का सामना करना चाहिए।

अधिकतम जनभागीदारी का आह्वान

संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों, अग्रिम संगठनों, विभागों, प्रकोष्ठों और कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

दोनों नेताओं ने कहा कि प्रत्येक वोट महत्वपूर्ण है और हर पात्र मतदाता के अधिकार की रक्षा होनी चाहिए। कांग्रेस नेतृत्व ने अभियान को व्यापक जनभागीदारी वाला शांतिपूर्ण आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि चुनावी पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के मताधिकार की रक्षा के मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा।

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Author: Bharat Sarathi

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