उच्च मजबूती वाले फास्टनरों का बढ़ेगा उत्पादन, तकनीक और आपूर्ति व्यवस्था को मिलेगा बल
गुरुग्राम (जतिन/राजा)। भारत में उच्च मजबूती वाले फास्टनर कारोबार के विस्तार के लिए कैपारो इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड ने जापान की एएनएससीओ कंपनी लिमिटेड और मारुबेनी-इतोचू स्टील इंक. (एमआईएसआई) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस सहयोग का उद्देश्य उन्नत विनिर्माण तकनीक, बेहतर गुणवत्ता और मजबूत आपूर्ति व्यवस्था के माध्यम से भारतीय वाहन उद्योग की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना है।
तीनों कंपनियों ने 14 अक्टूबर, 2026 को इस संबंध में समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके अतिरिक्त कैपारो और एएनएससीओ के बीच तकनीकी सहायता समझौता भी हुआ है। इसके तहत फास्टनर निर्माण की तकनीक, उत्पादन प्रक्रियाओं और परिचालन क्षमताओं को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा।
समझौते के अनुसार एएनएससीओ, कैपारो को निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पाद विकास और कर्मचारियों के कौशल संवर्धन में सहयोग देगी। एमआईएसआई कच्चे माल एवं उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था, विपणन और कारोबार के विस्तार में सहायता करेगी। वहीं, कैपारो भारत में अपने विनिर्माण एवं बिक्री नेटवर्क के माध्यम से उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और बाजार में पहुंच को मजबूत करेगी।
भावी पीढ़ियों तक पहुंचे कंपनी की विरासत
कैपारो इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. आकाश पॉल ने कंपनी की विरासत, दीर्घकालिक विकास और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कैपारो इंडिया के वाइस चेयरमैन अरुष पॉल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी की उपलब्धियों, मूल्यों और सहयोग की परंपरा को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने इस प्रतिबद्धता को कंपनी के भविष्य और निरंतर विकास से जुड़ा विषय बताया।
भारत-जापान की क्षमताओं का होगा समन्वय
कैपारो इंडिया के वाइस चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुष पॉल ने कहा कि कैपारो और एमआई स्टील के बीच पिछले 19 वर्षों से चले आ रहे व्यावसायिक संबंध विश्वास, आपसी सम्मान और विनिर्माण में उत्कृष्टता के साझा संकल्प पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि जापान की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता, सटीकता और गुणवत्ता को भारत की विनिर्माण क्षमता, प्रतिभा तथा विकास की संभावनाओं से जोड़कर मजबूत और प्रतिस्पर्धी कारोबार विकसित किया जा सकता है। यह सहयोग फास्टनर निर्माण के साथ भारत में गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और तकनीकी उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण होगा।
वाहन उद्योग में बढ़ेंगे अवसर : विनोद बापना
कैपारो मारुति लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं कैपारो इंडिया के समूह मुख्य वित्तीय अधिकारी विनोद बापना ने कहा कि भारतीय वाहन उद्योग की विकास संभावनाएं उच्च मजबूती वाले फास्टनर कारोबार के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं। वाहनों की बढ़ती मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार और वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका इसमें महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में गुणवत्ता, उत्पादकता, नवाचार और तकनीकी विशेषज्ञता का विशेष महत्व है। भारतीय और जापानी कंपनियों की क्षमताओं का समन्वय उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बेहतर उत्पाद उपलब्ध कराने में सहायक हो सकता है।
तकनीकी सहयोग से बेहतर होंगे उत्पाद
कैपारो इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अतुल जैन ने एएनएससीओ के साथ तकनीकी समझौते को विनिर्माण क्षमताएं मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
उन्होंने कहा कि एएनएससीओ की तकनीकी विशेषज्ञता, कैपारो के विनिर्माण अनुभव और भारतीय बाजार की समझ का मेल विशेष एवं महत्वपूर्ण उपयोग वाले फास्टनरों के कारोबार को आगे बढ़ाएगा। इससे उत्पाद विकास, गुणवत्ता सुधार और ग्राहक सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
अतुल जैन के अनुसार, इस सहयोग के तहत इंजन संबंधी उपयोगों के साथ मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, होंडा और निर्यात बाजारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर काम किया जाएगा।
ग्राहकों की जरूरतों पर रहेगा ध्यान
तीनों कंपनियां भारतीय ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च मजबूती वाले फास्टनरों के विकास, उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगी। इसमें कैपारो का भारतीय विनिर्माण एवं बिक्री नेटवर्क, एएनएससीओ की तकनीकी विशेषज्ञता और एमआईएसआई का इस्पात उद्योग का अनुभव तथा घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय कारोबारी नेटवर्क उपयोगी होंगे।
कंपनियों के अनुसार, साझेदारी का लक्ष्य भारतीय बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले फास्टनरों की उपलब्धता बढ़ाना और वाहन उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप कारोबार का विस्तार करना है।








