राहुल गांधी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का आह्वान, दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
कहा जनता का वोट किसी सरकार की जागीर नहीं, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा
एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के मताधिकार को प्रभावित करने की आशंका जताई
नई दिल्ली/सिरसा, 12 अक्टूबर। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, उत्तराखंड की प्रभारी एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य कुमारी सैलजा ने सोमवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित मार्च के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत से हो रही वोट चोरी के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है। देश की जनता का वोट किसी सरकार की जागीर नहीं है, बल्कि संविधान से मिला अधिकार है। इसे कमजोर करने अथवा छीनने की किसी भी कोशिश का कांग्रेस डटकर विरोध करेगी।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेसजन एकजुट हो रहे हैं। दोपहर 1:30 बजे बाराखंभा रोड जंक्शन से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल कांग्रेस पार्टी का नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक उस नागरिक के अधिकारों का है, जिसे संविधान ने मतदान की ताकत प्रदान की है।
कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के नाम पर गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यक वर्गों के मताधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहना चाहिए और किसी भी नागरिक को उसके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के मुद्दे को उठा रहे हैं। कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का पारदर्शिता के साथ जवाब दिया जाना चाहिए। सांसद ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों के माध्यम से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना और सरकार से सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
सांसद कहा कि देश किसी सरकार की मनमर्जी से नहीं, बल्कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के मूल्यों और सिद्धांतों से चलेगा। कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता, चुनावी पारदर्शिता और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
कुमारी सैलजा ने देशवासियों से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक और एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना प्रत्येक भारतीय नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संकल्प स्पष्ट है कि देश के लोकतंत्र और जनता के मतदान के अधिकार से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।








