• *डीसी उत्तम सिंह ने दी जानकारी, नागरिकों को मिलेगी घर बैठे पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना की सुविधा, इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर एकत्रित करेंगे जानकारी*
• *डिजिटल माध्यम से होगी जनसंख्या गणना, प्रत्येक व्यक्ति की गणना सुनिश्चित करने और आंकड़ों की शुद्धता एवं गोपनीयता बनाए रखने पर रहेगा विशेष जोर*
गुरुग्राम, 23 अक्टूबर। भारत की जनगणना-2027 के दूसरे चरण अर्थात जनसंख्या गणना की तैयारियों के तहत गुरुग्राम जिला में प्रशासनिक स्तर पर प्रशिक्षण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस चरण में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार और व्यक्ति से संबंधित निर्धारित जानकारी एकत्रित करेंगे। जनगणना का यह कार्य डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन और ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डीसी उत्तम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना संचालन निदेशालय हरियाणा के अनुसार, दूसरे चरण में नागरिक फरवरी 2027 में आरंभ होने वाली जनगणना से पहले घर बैठे स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। यह पोर्टल जनवरी से शुरू होगा। इसके बाद प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी। जनसंख्या गणना के उपरांत पुनरीक्षण कार्य किया जाएगा, ताकि गणना में छूटे व्यक्तियों एवं परिवारों की पहचान और दर्ज विवरणों में संभावित त्रुटियों का निराकरण किया जा सके।
*स्व-गणना के बाद भी होगा विवरणों का सत्यापन*
डीसी ने कहा कि जनगणना के दूसरे चरण में स्व-गणना की सुविधा नागरिकों के लिए अतिरिक्त विकल्प के रूप में उपलब्ध होगी। ऑनलाइन माध्यम से जानकारी दर्ज करने वाले परिवारों के विवरणों का भी प्रगणकों द्वारा घर जाकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन किया जाएगा। इससे जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने तथा किसी व्यक्ति या परिवार के छूटने अथवा दोहरी गणना की संभावना को कम करने में सहायता मिलेगी।
नागरिकों से अपील की जाएगी कि वे स्व-गणना के दौरान सभी जानकारियां सही एवं सावधानीपूर्वक दर्ज करें और सत्यापन के समय प्रगणकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
*प्रत्येक व्यक्ति से पूछे जाएंगे निर्धारित 40 प्रश्न*
उन्होंने बताया कि जनसंख्या गणना के दौरान निर्धारित प्रश्नावली के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी। हरियाणा में जारी प्रशिक्षण संबंधी जानकारी के अनुसार, प्रश्नावली में कुल 40 प्रश्न शामिल होंगे। इनके माध्यम से जनसांख्यिकीय, सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक गतिविधियों, भाषा, प्रवास तथा अन्य निर्धारित विषयों से संबंधित विवरण संकलित किए जाएंगे।
इन आंकड़ों का उपयोग देश एवं प्रदेश में विकास योजनाओं के निर्माण, सार्वजनिक सुविधाओं की आवश्यकता का आकलन और विभिन्न क्षेत्रों की जनसंख्या संबंधी आवश्यकताओं को समझने में किया जाएगा।
*डिजिटल प्रणाली से होगा आंकड़ों का संकलन*
डीसी ने कहा कि जनगणना-2027 में पहली बार देशव्यापी जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है। प्रगणक स्मार्टफोन पर उपलब्ध निर्धारित मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से आंकड़े दर्ज करेंगे। वहीं, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली के माध्यम से कार्य की प्रगति, प्रशासनिक समन्वय और क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी को मजबूत बनाया जाएगा।
डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य जनगणना कार्य को अधिक व्यवस्थित बनाना, आंकड़ों के संकलन में होने वाली त्रुटियों को कम करना तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करना है।
*गुरुग्राम जिला में व्यापक स्तर पर की जा रही तैयारियां*
उत्तम सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने जनगणना-2027 के दूसरे चरण में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। गुरुग्राम जिला में जनगणना के एक्शन प्लान के अनुसार गणना ब्लॉकों में जनसंख्या गणना के लिए आरक्षित कर्मियों सहित प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की तैनाती की तैयारियां भी शुरू हो चुकी है।
जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में जनगणना की प्रक्रिया, प्रश्नावली भरने, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, कार्य आवंटन, निर्धारित दिशा-निर्देशों और अधिकारियों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
*गुरुग्राम में विशेष सतर्कता और समन्वय पर रहेगा जोर*
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जिले में जनसंख्या गणना के दौरान सभी आवासीय क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण रहेगा। बहुमंजिला इमारतों, नए विकसित हो रहे सेक्टरों, किराये के मकानों, झुग्गी बस्तियों और प्रवासी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी। सभी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन से भी अनुरोध है जनगणना से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों का सहयोग करें।
*नागरिकों की जानकारी की गोपनीयता सर्वोपरि*
उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है। जनगणना अधिनियम, 1948 तथा संबंधित नियमों के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों का पालन करते हुए जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं।
जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को जनगणना की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने, अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं का खंडन करने तथा स्व-गणना और घर-घर जाकर होने वाली गणना में सहयोग के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का दूसरा चरण देश की जनसंख्या से संबंधित विश्वसनीय आंकड़े तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसकी सफलता के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन, डिजिटल तकनीक, प्रभावी प्रशासनिक निगरानी और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक होगी।








