*डॉ. सुमिता मिश्रा ने सिविल सर्जनों को बिजली बैकअप, आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस की उपलब्धता और कोल्ड चेन बनाए रखने के दिए निर्देश*
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर- हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा 22 से 24 अक्टूबर, 2026 तक घोषित तीन दिवसीय हड़ताल को देखते हुए प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों (पीएमओ) को स्वास्थ्य सेवाओं एवं चिकित्सा संस्थानों का संचालन निर्बाध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं, आपातकालीन उपचार तथा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें।
जारी निर्देशों के अनुसार, सभी स्वास्थ्य संस्थानों को हड़ताल की अवधि के दौरान जनरेटर सेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। जहां आवश्यकता हो, वहां निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए तत्काल जनरेटर सेट किराये पर लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिजली से संबंधित किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए इलेक्ट्रीशियन की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी इलेक्ट्रीशियन अपने-अपने मुख्यालय पर तैनात रहेंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
प्रभावी समन्वय और त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारी का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर तत्काल अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है।
विभाग ने वैक्सीन और तापमान के प्रति संवेदनशील अन्य चिकित्सा सामग्री के सुरक्षित भंडारण के लिए कोल्ड चेन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि कोल्ड चेन में किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए जनरेटर सेट तैयार स्थिति में रखे जाएं।
इसके अतिरिक्त, सभी संस्थानों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने और हर समय एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। आपातकालीन मामलों के प्रबंधन में किसी प्रकार की रुकावट न आए, इसके लिए अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के साथ भी संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आवश्यक समन्वय किया जा सके। निजी अस्पतालों को भी हड़ताल की अवधि के दौरान जनरेटर सेट सहित बिजली बैकअप की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए जरूरत पड़ने पर यूजर मनी फंड (User Money Fund) का उपयोग किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को ये निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि 22 से 24 अक्टूबर, 2026 तक प्रस्तावित बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सुचारू और निर्बाध बनी रहें।








