सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम में वित्तीय शक्तियों का पुनः निर्धारण

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*निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्वच्छता और इंजीनियरिंग कार्यों की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रक्रिया में किया बदलाव*

*संयुक्त आयुक्तों के स्वीकृति अधिकार संबंधित अतिरिक्त आयुक्तों को सौंपे*

गुरुग्राम, 21 अक्टूबर। शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा स्वच्छता एवं इंजीनियरिंग कार्यों से संबंधित वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया को निर्धारित करने के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बुधवार को आदेश जारी कर संबंधित अतिरिक्त आयुक्त-कम-हेड ऑफ क्लस्टर को इन कार्यों से जुड़ी वित्तीय शक्तियां प्रदान की हैं। इस निर्णय के तहत जोन के संयुक्त आयुक्त अब स्वच्छता और इंजीनियरिंग कार्यों के प्रस्ताव, बिल और संबंधित रिकॉर्ड आवश्यक अनुमोदन के लिए संबंधित अतिरिक्त आयुक्त-कम-हेड ऑफ क्लस्टर के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

*संयुक्त आयुक्त करेंगे निगरानी एवं सुपरविजन*

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी जोन के संयुक्त आयुक्त अब संबंधित कार्यों के लिए पहले प्राप्त वित्तीय शक्तियों का प्रयोग नहीं करेंगे और इनसे जुड़े बिलों को मंजूरी नहीं देंगे। हालांकि, संयुक्त आयुक्त अपने-अपने क्षेत्राधिकार में स्वच्छता, कराधान, प्रवर्तन तथा उन्हें सौंपे गए अन्य दायित्वों की निगरानी और पर्यवेक्षण पहले की तरह जारी रखेंगे। इस प्रकार, उनके क्षेत्रीय निरीक्षण और निगरानी संबंधी दायित्व यथावत रहेंगे, जबकि संबंधित वित्तीय स्वीकृतियां निर्धारित सक्षम स्तर पर की जाएंगी।

*लंबित बिल भी स्वीकृति के लिए अतिरिक्त निगमायुक्त को भेजे जाएंगे*

निगमायुक्त ने मुख्य लेखा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि संबंधित कार्यों के बिलों का प्रसंस्करण निर्धारित वित्तीय शक्तियों के अनुरूप किया जाए। 20 अक्टूबर तक संयुक्त आयुक्तों से प्राप्त ऐसे बिल, जिनका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें भी भुगतान जारी करने से पहले संबंधित अतिरिक्त आयुक्त-कम-हेड ऑफ क्लस्टर के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करना होगा। इस व्यवस्था के तहत लंबित बिलों पर भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिल आवश्यक रिकॉर्ड के साथ सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत हों और भुगतान से पहले अपेक्षित स्वीकृति प्राप्त की जाए।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार सफाई व्यवस्था नगर निगम गुरुग्राम की प्रथम उच्च प्राथमिकता है। ऐसे में निगम अधिकारियों का यह दायित्व है कि शहर वासियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा लापरवाह अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की भी लापरवाही पाई जाती है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को लिखित में भेजा जाएगा, जिसमें संबंधित अधिकारी को चार्जशीट भी किया जा सकता है।

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Author: Bharat Sarathi

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