एक्स एमएलए ‘रामबीर’ इनेलो को बोले ‘राम-राम’

पटौदी में इनेलो को रामबीर के जाने से लगा जोर का झटका. रामबीर सिंह हरियाणा राज्य शिक्षा बोर्ड के रह चुके हैं चेयरमैन. दर्जनों पूर्व सरपंचों व अनेक समर्थकों ने भी किया किनारा

फतह सिंह उजाला

गुरुग्राम। राज्य कृषि विपणन विभाग के अधिकारी रह चुके, एडवोकेट एवं पटौदी के एक्स एमएलए रामबीर सिंह ने भी सावन माह में अपने वजूद के लिए संघर्षरत इनेलो पार्टी को ‘राम-राम’ कहते हुए किनारा कर ‘इनेलो’ की प्राथमिक सदस्यता सहित प्रदेश सचिव पद से त्यागपत्र दे दिया है। 1996 से सक्रिय राजनीति में सक्रिय रामबीर सिंह मूल रूप से गांव महचाना के रहने वाले हैं और रामबीर सिंह के पिता स्व. हीरालाल भी एमएलए रह चुके हैं। यह भी कहा जा सकता है कि रामबीर सिंह राजनीतिक परिवार से तालुक्क रखते हैं।

रामबीर सिंह ने पटौदी में अपने आवास पर बुलाई समर्थकों की बैठक में गहन विचार-मंथन के बाद में समर्थको सहित ‘इनेलो’ से त्यागपत्र दे ‘राम-राम’ कहने  फैंसला किया। रामबीर सिंह ने इसी मौके पर कहा कि, समर्थकों के साथ मौजूदा और भविष्य के राजनीतिक हालात पर गंभीरता से चर्चा के बाद में ही इनेलो से स्वयं को अलग किया है। रामबीर सिंह ने आरोपित शब्दों में कहा कि आज के दौर में इनेलो में न तो कार्यकर्ता है, न पार्टी संगठित दिखाई दे रही, न ही सर्वमान्य नेता ही है। लोकसभा चुनाव के समय से ही इनेलो को कुछ लोग/नेता कमजोर कर तोडऩे में लगे रहे हैं, जिसका परिणाम भी अब सामने आ रहा है। लोकसभा चुनाव में ही इनेलो के नेता न तो जनता के बीच, न ही उम्मीदवार के साथ और न ही कार्यालयों में दिखाई दिये। अब इनेलो के प्रति आम लोगों का भी भरोसा धीरे-धीरे समाप्त होता दिखाई दे रहा है।

रामबीर सिंह ने मौजूदा राजनीतिक हालात के सवाल पर कहा कि, इस बात में कोई दो राय और शक नहीं होना चाहिये कि, देश के पीएम नरेंद्र मोदी हों या फिर सूबे के सीएम मनोहर लाल खट्टर हों, ये आमजन के हित सहित देश के लिए ही काम कर रहे हैं। आम जनता पीएम, सीएम सहित बीजेपी की कार्यप्रणाली और नीतियों से पूरी तरह से संतुष्ठ है और इसका एक ही कारण है, शासन और प्रशासन के कार्य में पारदर्शिता को दृढ़ता के साथ में लागू किया जाना।

रामबीर सिंह ने पहला चुनाव 1996 पटौदी से इनेलो की टिकट पर ही लड़ा , लेकिन 2000 के चुनाव में वह पटौदी के एमएलए और हरियाणा राज्य शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन भी बनाये गए। रामबीर सिंह के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन सरकार में पटौदी में कराए गए विकास कार्य मील के पत्थर गिने जाते हैं। इसके बाद में रामबीर सिंह भजनलाल की हरियाणा जनहित कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में रहे और करीब एक वर्ष पहले ही इनेलो में वापिस लौटे थे। रामबीर सिंह के साथ ही उनकी दोनों पुत्रवधु अन्नू पटौदी और पूजा भी राष्ट्रीय कांग्रेस में प्रदेश और जिला की पदाधिकारी रह चुकी है। इनेलो के ‘राम-राम’ कहने के मौके पर पूर्व सरपंचों में महा सिंह, शिव नारायण, अमन सिंह, कप्तान सिंह, लाल सिंह, ओम प्रकाश, विक्रम मुसैदपुर, महेश चौहान कारौला, वेदपाल प्रजापती, आेमबीर सिंंह चौहान, विजयपाल यादव सहित अनेक समर्थक मौजूद रहे।

खट्टर के मंच से इंद्रजीत ने किया था गुनगान

सूबे में बीजेपी की सरकार के मुखिया सीएम मनोहर लाल खट्टर की पटौदी में 16 नंवबर 1996 की सभा को भूले भी नहीं भुलाया जा सकता है। इस दिन सीएम खट्टर ने पीएम मोदी के मंत्रीमंडल के वजीर राव इंद्रजीत सिंह, सूबे के जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री, पटौदी की एमएलए बिमला चौधरी व बीजेपी के पदाधिकारियों की मौजूदगी में करोड़ों की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया था। इसी दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी के मंत्रीमंडल के वजीर राव इंद्रजीत सिंह ने सीएम खट्टर के मंच से ही एक्स एमएलए रामबीर सिंह का नाम लेकर, उनकी कार्यप्रणाली सहित अन्य बातों की चर्चा करके सभी को चौंकाने वाला झटका दे दिया था।

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