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 युवा-हल्लाबोल द्वारा शुरू की गई मुहिम सोशल मीडिया पर छाया

5 अप्रैल को जब देशभर में लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर 9 बजे 9 मिनट के लिए दिए जलाकर अंधकार मिटाने का प्रण लिया, वहीं सोशल मीडिया पर कई देशवासियों ने सरकार से कोरोना के खिलाफ चल रही जंग से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल पूछे। एक तरफ ट्विटर पर #9बजे9मिनट ट्रेंड कर रहा था तो दूसरी तरह #9KaChallenge भी चल रहा था, जिसके तहत लोग 9 सेकंड का अपना वीडियो अपलोड करके प्रधानमंत्री से सवाल पूछ रहे थे। इस सोशल मीडिया कैम्पेन का हिस्सा बनने वाले लोग अपने सवाल का वीडियो पोस्ट करने के अलावा 9 अन्य लोगों को नामांकित भी कर रहे थे।

राष्ट्रव्यापी युवा आंदोलन युवा-हल्लाबोल द्वारा #9KaChallenge की शुरुआत करने के बाद कई नागरिकों ने ट्विटर के माध्यम से इसमें हिस्सा लिया। 

मशहूर टीवी कलाकार सुशांत सिंह ने #9KaChallenge अभियान के तहत डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा का सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि डॉक्टरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और लोगों के टेस्ट किट के लिए क्या कर रही है सरकार।

राजस्थान हाईकोर्ट में वकालत कर रही साहित्यकार शोभा प्रभाकर ने #9KaChallenge के तहत कोरोना संक्रमित लोगों के इलाकों में अन्य व्यक्तियों की टेस्टिंग के इंतज़ाम पर सरकार से सवाल पूछा।

स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने पूछा, “अगले दो महीने के लिये सरकार ये नियम क्यों नहीं बना सकती कि हर व्यक्ति को राशन मिलेगा चाहे राशन कार्ड हो या न हो?”

हाल ही में नागरिक सत्याग्रह यात्रा सफलतापूर्वक करके लौटी प्रदीपिका सारस्वत ने #9KaChallenge में कहा कि लॉकडाउन शुरू होने के दो हफ्ते बाद भी लाखों लोग तक सरकार राशन क्यों नहीं पहुँचा पाई है। 

पत्रकार नीरज झा ने पूछा कि कई जगहों पर खासकर बिहार में सिम्प्टोमेटिक मरीजों की भी जाँच क्यूँ नहीं हो रही है।

पटना में यथार्थ क्लासेस के शिक्षक रजनीश झा ने कहा कि इस संकट की घड़ी में प्रतियोगी परीक्षार्थियों का किराया माफ होना चाहिए।

मध्यप्रदेश में बेरोज़गार सेना के प्रमुख अक्षय हुंका ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि जब तक कोरोना का संकट खत्म नहीं होता तब तक हर किसी को खाना मिले इसके लिए सरकार की क्या योजना है।
आईआईएमसी के छात्र राहुल यादव ने पूछा कि देशभर में कोरोना के खिलाफ लड़ रहे डॉक्टरों को सुरक्षा उपकरण मुहैय्या क्यों नहीं करवाया जा रहा।

स्वतंत्र पत्रकार रोहित उपाध्याय ने सवाल किया कि पीएम रिलीफ फंड होने के बावजूद सरकार को राहत राशि एकत्रित करने के लिए पीएम केयर्स नामक नया अकाउंट बनाने की ज़रूरत क्यों पड़ी?
आईआईटी गौहाटी के शिक्षक प्रोफेसर बृजेश राय ने सवाल किया कि कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। इसपर सरकार की क्या योजना है?

जानी मानी टीवी एंकर अदिति राजपूत ने पूछा, “क्या इस कठिन दौर में सरकार सालों से स्टॉक हो रहे सड़ रहे लगभग 60 मिलियन टन अनाज क्या गरीबों मजदूरों के लिए मुफ्त कर सकती है?”
युवा-हल्लाबोल की कोऑर्डिनेशन टीम की सदस्या श्वेता ढुल ने डॉक्टरों और स्वाथ्य कर्मियों के बीच PPE किट्स और N95 मास्क की भारी कमी पर #9KaChallenge के तहत सवाल किया।

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