बैडमैन से बैटमैन तक

– कमलेश भारतीय 

हिंदी फिल्मों में बैडमैन के बिना फिल्म पूरी नहीं होती । चाहे पुराने जमाने की श्वेत श्याम फिल्म हो या आजकल की रंगीन फिल्म सबमें बैडमैन अपने रोल से फिल्म को गति देता है । प्राण से लेकर गुलशन ग्रोवर तक हर कोई बैडमैन हैं । कभी बच्चों के नाम कोई भी प्राण नहीं रखता था । फिर प्रेम चोपडा ने भी कहा कि मेरा नाम है प्रेम । प्रेम चोपडा । लोग मुझे प्रेम चोपडा कहते हैं । फिर मोगेम्बो खुश होने लगा । लोग रोने लगे । अखिर गुलशन ग्रोवर ने साफ कह दिया कि जब लोग उन्हें बैडमैन कहते हैं तो अपनी एक्टिंग पर बहुत गर्व होता है । सच भी है कि यदि बैडमैन को हाॅल में बैठे लोग गालियां न दें तो समझो रोल ठीक नहीं हुआ । 

 यह तो रही फिल्मों की बात । राजनीति में बैटमैन का उदय हुआ है । यह एंट्री मारी है इंदौर के भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने । नगर निगम के अधिकारी बारिश का मौसम देखते हुए जर्जर इमारत गिराने आए थे और आकाश ने बैट लेकर उनकी पिटाई शुरू कर दी  । वे भूल गये कि मीडिया के कैमरों के सामने हैं और लो पूरे देश विदेश में वीडियो वायरल हो गया । लोग विश्व क्रिकेट कप भूल कर आकाश की बैटिंग देखने लगे । भाजपा वालों ने तो इतना सराहा कि सैल्यूट बैटमैन के पोस्टर तक लगा दिए । एक कार्यकर्त्ता को विधायक की यह अदा इतनी पसंद आई कि उनके समर्थन में किसी अधिकारी के सामने बैट लेकर फोटो करवाई और वायरल कर दी । वाह । इतनी लैकप्रियता तो रोहित शर्मा को विश्व कप में तीन शतक लगाकर भी न मिली होगी जितनी आकाश को नगर निगम के अधिकारी को बैट मारने से मिली । अब तो कौन बनेगा करोडपति में सवाल पूछा जायेगा कि बैटमार विधायक का नाम बताओ और करोडपति हो जाओ ।

 खैर । राजनीति कहां पहुंच रही है ? पिताश्री मीडिया से औकात पूछ रहे हैं और जज बनने से रोक रहे हैं । मजेदार बात तो सोशल मीडिया पर आई कि यदि यह हरकत किसी विपक्ष के विधायक ने की होती तो गोदी मीडिया सारे आसमान सिर पर उठा लेता लेकिन अब सब कुछ माफ । सात खून माफ । 

चलिए । बैडमैन से बैटमैन का सफर फिल्म से राजनीति तक तय हो गया । बधाई हो ।

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