दिल्ली लॉकडाउन, सीमाएं सील, धारा 144 लागू, जानें इस बीच क्या रहेगा बंद और किन्हें मिलेगी छूट

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच पूरी दिल्ली को लॉकडाउन कर दिया गया है। आज सुबह 6 बजे से 31 मार्च रात 12 बजे तक दिल्ली में मेट्रो, अंतर्राज्यीय बसों समेत अंतरराष्ट्रीय व घरेलू यातायात सेवाएं ठप कर दी गई हैं। आपात स्थिति के लिए डीटीसी की सिर्फ 25 फीसदी बसें सड़कों पर रहेंगी। दिल्ली के सभी बार्डर भी सील कर दिए गए हैं। दवा की दुकानें, फल-सब्जी की दुकान और मिल्क प्लांट के अलावा सभी तरह की दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और फैक्टरी बंद रहेंगी।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हालात का जायजा लेकर 31 मार्च के बाद अगला फैसला किया जाएगा। इसी बीच दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई है जो 31 मार्च की रात 12 बजे तक जारी रहेगी। 

उपराज्यपाल के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में मुख्यमंत्री ने बताया कि दुनियाभर के उदाहरणों से पता चलता है कि वायरस को जितनी जल्दी फैलने से रोका जाए, उतना ही अच्छा रहता है। अभी दिल्ली में 27 संक्रमित हैं। इसमें से सिर्फ 6 मामले एक इंसान से दूसरे के बीमार करने के हैं। 21 मामले बाहर से आने वालों के हैं। अभी दिल्ली उस स्थिति में है, जिसमें एक से दूसरे में वायरस फैला नहीं है। 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि आज हमने कठिन कदम नहीं उठाए तो कल को अगर यह फैला तो उसके बाद लॉक डाउन का असर नहीं होगा। इटली इसका उदाहरण है। फिर, अगर फैलने के बाद लॉक डाउन करने पर स्वास्थ्य सेवाएं उससे निपट नहीं पाएंगी। इससे ज्यादा लोगों की मौत हो सकती हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार ने दिल्लीवालों की सेहत के लिए यह तय किया है कि सोमवार सुबह 6 बजे से 31 मार्च मध्य रात्रि 12 बजे तक दिल्ली को लॉक डाउन किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री के मुताबिक, लॉक डाउन के दौरान बेहद जरूरी सेवाओं को छूट दी जा रही है। बाकी सभी सेवाएं बंद रहेंगी। पांच से ज्यादा लोगों को एक जगह जुटने की इजाजत नहीं है। इस दौरान जो भी कानून का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

31 मार्च तक धारा 144 लागू 

कोरोना वायरस से संक्रमण के मद्देनजर दिल्ली में रविवार रात नौ बजे से 31 मार्च तक की रात 12 बजे तक  धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके तहत अब एक स्थान पर चार से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही पुलिस ने किसी भी प्रकार की बैठक के आयोजन पर भी रोक लगा दी है। कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाया हैै। 

पुलिस आयुक्त आमूल्य पटनायक ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद जनता कर्फ्यू को पूरा समर्थन मिला है। रात 12 बजे के बाद पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई। सभी जिलों की पुलिस को इसकी पालना करवाने का निर्देश दे दिया गया है। प्रदर्शन से लेकर किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम पर भी पूरी तरह पाबंदी है। उन्होंने कहा कि यह सख्ती जनता को संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए लागू की गई है। 

क्यों पड़ती है धारा 144 लागू करने की जरूरत

सीआरपीसी की धारा 144 शांति कायम करने या किसी आपात स्थिति से बचने के लिए लागू की जाती है। सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य संबंधित खतरे या दंगे की आशंका हो तब इसे पुलिस लागू करती है। धारा-144 जहां लगती है, उस इलाके में चार या उससे ज्यादा लोग एक साथ जमा नहीं हो सकते हैं। धारा 144 लागू होने के बाद गैर-कानूनी तरीके से जमा होने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए अधिकतम तीन साल कैद की सजा हो सकती है। 

राजनिवास में उच्च स्तरीय बैठक

रविवार को उपराज्यपाल कार्यालय में उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके कैबिनेट सहयोगियों व वरिष्ठ अधिकारियों ने उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें कोरोना वायरस के असर को सीमित करने के लिए एहतियातन उठाए जाने वाले कदमों पर फैसला लिया गया। 

विधानसभा चलेगी, पास होगा बजट

मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को विधानसभा का बजट सत्र है। इससे जुड़े कर्मचारियों को लॉक डाउन से बाहर से रखा गया है। वह विधानसभा पहुंच सकते हैं। एक दिवसीय बजट सत्र में सरकार 2020-21 का बजट पेश करने के साथ उसे पास भी करवाएगी।

सड़क पर निकलने पर खुद का सत्यापन होगा काफीमुख्यमंत्री ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति सड़क पर मिलता है और वह बताता है कि जिन सेवाओं को छूट दी जा रही है, उससे जुड़ा है तो उसे जाने दिया जाएगा। उससे किसी तरह को सर्टिफिकेट न मांगकर उसकी बात पर यकीन कर लिया जाएगा।

निजी संस्थान बंद, लेकिन वेतन देना पड़ेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान जो भी निजी संस्थान बंद रहेंगे, लेकिन उनके कर्मियों को ऑन ड्यूटी माना जाएगा। ऐसे में सभी नियोक्ताओं ने लॉक डाउन के दौरान अपने कर्मियों को वेतन देना पड़ेगा। चाहे वह संविदा का हो या स्थाई।

मास्क व सैनिटाइजर विक्रेताओं को चेतावनी

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतें मिल रही हैं कि मास्क व सैनिटाइजर की कालाबजारी हो रही है। ऐसे वक्त में जब देश विपदा है और अगर कोई कालाबाजारी करते हैं तो यह गलत है। यह न सिफ कानून का उल्लंघन है बल्कि इंसानियत के भी खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यह लोग बाज आएं। अभी तक 327 जगह छापे मारे गए हैं और 437 के खिलाफ मामले दर्ज किया गया है। इस तरह की शिकायत आने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

लॉक डाउन में जाने पर कुछ इस तरह चलेगी दिल्ली
इन सेवाओं पर रहेगी बंदी

. डीटीसी की 25 फीसदी बसें रहेंगी सड़क पर, निजी बसें, टैक्सी, ऑटो रिक्शा, रिक्शा, ई-रिक्शा रहेंगे बंद।. हरियाणा व उत्तर प्रदेश से लगे सभी बार्डर होंगे सील। नहीं मिलेगी निजी वाहनों को एंट्री।. दिल्ली मेट्रो समेत अंतरराज्यीय बसें नहीं चलेंगी।. एयरपोर्ट से नहीं होगा अंतरराष्ट्रीय व घरेलू हवाई सेवाओं का संचालन।. सभी तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठान, फैक्ट्रियां, वर्क शॉप, ऑफिस, गोदाम, साप्ताहिक बाजार व दुकानें नहीं खुलेंगी।. सभी तरह की निर्माण गतिविधियां रहेंगी बंद।. सभी समुदायों के धार्मिक स्थल रहेंगे बंद।. पांच से ज्यादा लोगों को एक जगह जुटने की इजाजत नहीं।

इन सेवाओं को दी गई लॉकडाउन से छूट

. दिल्ली पुलिस।. सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाएं।. अग्निशमन विभाग।. जेल विभाग।. सार्वजनिक राशन की दुकानें।. बिजली विभाग।. जल बोर्ड।. तीनों एमसीडी।. अकाउंट ऑफिस।. प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया।. कैशियर व एटीएम समेत बैंक के टेलर ऑपरेशन।. कानून व्यवस्था व मजिस्ट्रेट से जुड़ी सेवाएं।. टेलीकाम, इंटरनेट व पोस्टल सेवा।. खाद्य, मेडिकल व मैरामेडिकल से जुड़ी ई-कार्मस सेवाएं।. खाद्य पदार्थ व ग्रोसरी से जुड़ी दुकानें।. मिल्क प्लांट।. रेस्टोरेंट से होम डिलिवरी।. मेडिकल की दुकानें।. पेट्रोल पंप, एलपीजी व आईजीएल।. जानवर का चारा।

आपातकालीन हालात में किया जाता है लॉकडाउन

आपातकालीन हालातों में किसी शहर को लॉकडाउन किया जाता है। यह अमूमन बड़ी आपदाओं में उठाया जाने वाला कदम है। इसमें आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर दूसरी सभी सेवाएं बंद रहती हैं। वहीं, कोशिश होती है कि बेहद जरूरी होने के अलावा आम लोग अपने घरों से बिल्कुल बाहर न निकलें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *