भारतीय मूल के अप्रवासी भारतीय लाम्बा ने भारत में विदेशी निवेश को आकर्षित करने को प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

प्रधानमंत्री कार्यालय ने आर्थिक मामलों के विभागीय सचिव को भेजा पत्र

रोहतक ।  भारतीय मूल के अप्रवासी भारतीय अमित लाम्बा का भारत में विदेशी निवेश को आकर्षित करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे गए पत्र को आगामी कार्यवाही के लिए आर्थिक मामलों के विभागीय सचिव को भेजा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस बारे में लाम्बा को भी सूचित कर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में अमित लाम्बा ने कहा है कि आबू धाबी के क्राऊन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहन 2017 में 24 से 27 जनवरी को भारत आए थे। वें गणतंत्र दिवस समारोह में भारत के खास मेहमान थे। उस समय मीडिया में प्रचारित किया गया था कि आबू धाबी के क्राऊन प्रिंस भारत में 75 बिलियन डालर का निवेश करेंगे। इसके बाद फरवरी 2019 में साऊदी अरब के क्राऊन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अब्दुल अजीज अल सोऊद दो दिवसीय दौरे पर भारत आए थे। उस समय में भी मीडिया ने प्रचारित किया था कि क्राऊन प्रिंस एक सौ बिलियन डालर का भारत में निवेश करेंगे। परन्तु इस 175 बिलियन डालर के निवेश पर सरकार के पास कोई तथ्यपरक जानकारी नहीं है।

इस पत्र के माध्यम से अमित लाम्बा ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा है कि उन्होने भारत में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए हुए अनेकों निवेशक शिखिर सेमीनारों में भी भाग लिया है और केंद्रीय मंत्रियों और कई प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को इस बारे अपनी सेवाएं उपलब्ध करवाने बारे लिखा है। उन्होने कहा है कि खेद का विषय है कि इस बारे में कहीं से भी कोई सकारात्मक या नकारात्मक जबाव नहीं आया है। पत्र में लाम्बा ने दावा किया है कि वें देशहित में अपनी सेवाएं दे सकते हैं और विदेशी निवेश को भारत में आकर्षित करने के लिए सहायक सिद्ध हो सकते हैं। इतना ही नहीं उन्होने तो यह भी कहा है कि वें केवल 35 कार्य दिवस में इस बारे सकारात्मक  परिणाम दे सकते हैं। उन्होने बताया है कि वें पहले व्यक्ति हैं, जिन्होने संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के साथ प्रतिनिधि अनुबंध साइन किया था।

पत्र के अनुसार उन्होने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री चाहे तो वें अपनी सेवाएं दे सकते हैं। 22 जनवरी को लिखे इस पत्र को अब आगामी कार्यवाही के लिए आर्थिक मामलों के विभागीय सचिव को भेजा गया है। 

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