भाजपा सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की बजाय भ्रष्टाचार के नाम पर सूचिया निकालने की नौटंकी करके और उसे सत्ता बल पर मीडिया में प्रचारित करवाके हरियाणावासियों को ठग रही है : विद्रोही

मीडिया में ऐसी सूचिया वायरल करने की नौटंकी करने की बजाय भ्रष्ट कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने से उन्हे कौन रोक रहा है? विद्रोही

31 जनवरी 2025 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि नायब सिंह सैनी भाजपा सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की बजाय भ्रष्टाचार के नाम पर सूचिया निकालने की नौटंकी करके और उसे सत्ता बल पर मीडिया में प्रचारित करवाके हरियाणावासियों को ठग रही है।

विद्रोही ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि मीडिया में ऐसी सूचिया वायरल करने की नौटंकी करने की बजाय भ्रष्ट कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने से उन्हे कौन रोक रहा है? सरकार ने पहले 370 कथित भ्रष्ट पटवारियों की सूची मीडिया में वायरल करके वाहवाही लूटी और अब कथित 47 भ्रष्ट तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों की सूची वायरल करके जनता को ठग रही है। सवाल उठता है कि जब सरकार को पता है कि उक्त तहसीलदार, नायब तहसीलार व पटवारी भ्रष्ट है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करके उन्हे सजा क्यों नही दे रही? क्या मीडिया में बयान बहादुर बनकर लम्बी-चौडी बाते करने से भ्रष्टाचार रूक जायेगा व भ्रष्ट कर्मचारी व अधिकारी भ्रष्टाचार करना छोड देंगे?

विद्रोही ने कहा कि सरकार ने जो कथित भ्रष्टाचारी पटवारियों की सूची वायरल की है, उसके दुष्परिणाम किसान भगत रहे है। प्रदेश के लगभग 1300 पटवार सर्कल में दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में हुई वर्षा व ओलावृष्टि से हुए रबी फसल गेंहू, सरसों व सब्जियों की नष्ट फसलों की गिरदावरी आज तक नही हुई है जिसके चलते प्रदेश के अधिकांश किसान नष्ट फसलों के मुआवजे से वंचित रह जायेगे और बीमा कम्पनियों की मौज हो जायेगी। अब कथित भ्रष्ट तहसीलदार व नायब तहसीलदारों की सूची सामने आने से तहसीलों में काम और ठप होगा। विद्रोही ने कहा कि कोराना काल में हुई अवैध रजिस्ट्री करके घोटाला करने पर जो भाजपा सरकार ने कथित जांच समिति बनाई थी, उस जांच समिति ने भी 34 तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों सहित कानूनगो, लेखा परिक्षकों, रजिस्ट्री क्लर्को को मिलाकर 232 राजस्व अधिकारियों को भ्रष्टाचार का दोषीे पाया था लेकिन लगभग साढ़े चार साल बाद इन भ्रष्ट राजस्व अधिकारियों के खिलाफ भाजपा सरकार ने आज तक कोई कार्रवाई नही की। इसी तरह नियम 7ए के तहत बिना एनओसी रजिस्ट्री करने वाले राजस्व अधिकारियों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नही हुई?

विद्रोही ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हे डराकर भाजपा उनसे वसूली करती है और अधिकारियों द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार में से भाजपा-संघ नेताओं को मोटा माल मिलते ही भ्रष्टाचार के सभी आरोप हवा-हवाई हो जाते है और भ्रष्ट कर्मचारी व अधिकारी ईमानदार बन जाते है।

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