भाजपा-जजपा सरकार कि पहली प्राथमिकता में आमजन नही अपितु खासजन है : विद्रोही

20 नवम्बर 2019, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि हरियाणा भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार की पहली ही मंत्रीमंडल बैठक ने साबित कर दिया है कि सरकार की प्राथमिकता आमजन, किसान, मजदूर, युवा नही अपितु निजी हित साधना है। विद्रोही ने कहा कि किसी भी सरकार में मंत्रीमंडल की पहली बैठक उसकी भविष्य की दिशा व दशा बताती है कि आने वाले पांच सालों में सरकार की प्राथमिकता क्या होगी। भाजपा-जजपा सरकार ने मंत्रीमंडल की पहली ही बैठक में मुख्यमंत्री, मंत्रीयों, विधायकों के वेतन-भत्तों में बढोतरी करके जता दिया कि उसकी प्राथमिकता में आमजन नही अपितु खासजन है और उनमें भी पहली प्राथमिकता अपने निजी हित साधना है।

मंत्रीमंडल माननीयों की सुविधाओं के लिए धन में बढोतरी आगे अन्य बैठक में भी कर सकता था, पर पहली ही मंत्रीमंडल में निजी हितों को साधकर भाजपा-जजपा सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि यह गठबंधन सरकार निजी हितों को साधने को प्राथमिकता देगी। विद्रोही ने कहा कि संघी नेतृत्व की सरकार जुमलेबाजी में उस्ताद है। सरकार ने नया जुमला उछाला है कि धान उत्पादक किसानों की 50 लाख टन पराली सरकार खरीदेगी। अभी एक सप्ताह पूर्व ही पराली को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे दिया था कि पराली ना जलाने वालेे किसानों को प्रति क्विंटल 100 रूपये का बोनस दिया जाये। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अभी तक सरकार ने मात्र 143 धान उत्पादक किसानों को प्रति क्विटल 100 रूपये का बोनस दिया है जो जींवत प्रमाण है कि संघी सरकार जुमलेबाजी करके लोगों को मूर्ख तो बनाती है, पर किसान हित के लिए जमीन पर कुछ नही करती।

विद्रोही ने कहा कि चुनाव परिणामों तक दुष्यंत चौटाला-जजपा लम्बी-चौडी डीेंगे हांककर ग्रीन नैशनल कोरिडोर-152डी के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा बाजार भाव से चार गुणा ज्यादा दिलाने का दमगज्जा मारते थे। पर उपमुख्यमंत्री बनने के बाद वे किसानों को चार गुणा ज्यादा मुआवजा दिलवाने की बात उसी तरह भूल गए है जिस तरह किसान, मजदूर, गरीब, आम आदमी, हरियाणा विरोधी भाजपा-खट्टर सरकार को जमनापार पहुंचाने की बात भूलकर सत्ता मलाई चाटने भाजपा-खट्टर सरकार के पिछलग्गू बन गए। विद्रोही ने कहा कि आने वाला समय हरियाणा व हरियाणावासियों के लिए संकटभरा होगा। भाजपा-जजपा सरकार उनके हितों व विकास के लिए काम करने की बजाय सत्ता का दोहन करके कैसे अपने निजी हित साधे, इसको प्राथमिकता देगी। 

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