इसराइल के स्पाईवेयर से हो रही व्हाट्सएप की जासूसी, मचा हड़कंप

अशोक कुमार कौशिक

 व्हाट्सएप ने पर्दाफाश किया है कि कुछ अज्ञात इकाइयां इसराइल के स्पाईवेयर पेगासस के जरिए दुनियाभर में जासूसी कर रही हैं और इसके शिकार भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी बने हैं। इस पर भारत के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सएप से चार नवंबर तक विस्तृत जवाब मांगा है जबकि कांग्रेस ने सरकार पर जासूसी का आरोप मढ़ा है।

फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सएप ने कहा कि उसने मंगलवार को कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में इसराइल की साइबर इंटेलिजेंस कंपनी एनएसओ ग्रुप के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। माना जा रहा है कि एनएसओ समूह ने ही वह प्रौद्योगिकी विकसित की है जिसके जरिए अज्ञात इकाइयों ने जासूसी के लिए करीब 1,400 लोगों के फोन हैक किए हैं। चार महाद्वीपों के यूजर्स इसका शिकार बने हैं। इनमें राजनयिक, विपक्षी नेता, पत्रकार और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं। हालांकि,व्हाट्सएप ने यह नहीं बताया है कि किसके कहने पर पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के फोन हैक किए गए हैं। उसने यह जानकारी भी नहीं दी कि भारत में कितने लोगों की जासूसी की गई।

मई में पता चला था
व्हाट्सएप ने कहा कि मई में उसे एक ऐसे साइबर हमले का पता चला था जिसमें उसकी वीडियो कॉलिंग प्रणाली के जरिए यूजर्स को मालवेयर भेजा गया। व्हाट्सएप ने कहा कि उसने करीब 1,400 यूजर्स को विशेष वाट्‌सएप संदेश भेजकर इस बारे में जानकारी दी है। वाट्‌सएप के प्रवक्ता ने बताया कि इस सप्ताह जिन लोगों से संपर्क किया गया, उनमें भारतीय यूजर्स भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि पूरी दुनिया में वाट्‌सएप के 1.5 अरब यूजर्स हैं। इनमें करीब 40 करोड़ भारतीय हैं।
आईटी मंत्रालय ने जवाब मांगा
भारत के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने इस मामले में व्हाट्सएप से विस्तृत जवाब मांगा है। उसे 4 नवंबर तक रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने इस बारे में व्हाट्सएप को लिखा है।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाया आरोप
व्हाट्सएप द्वारा इसराइल की सर्विलांस कंपनी के स्पाईवेयर के जरिए भारतीय पत्रकारोंव मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी किए जाने के मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्‌वीट किया-मोदी सरकार जासूसी करती पकड़ी गई। यह डरावना है लेकिन आश्चर्यजनक नहीं।

आखिरकार भाजपा सरकार निजता के हमारे अधिकार के खिलाफ लड़ी। सुप्रीम कोर्ट की रोक लगने तक करोड़ों सर्विलांस स्ट्रक्चर बनाए गए। सुप्रीम कोर्ट को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और भाजपा सरकार को नोटिस जारी करना चाहिए। सुरजेवाला ने एक अन्य ट्‌वीट में कहा-जो सरकार पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, विपक्षी नेताओं की जासूसी करती है और अपने नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव करती है उसे लोकतंत्र का नेतृत्व करने का अधिकार नहीं है।

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