मेरे पास खोने के लिए कुछ भी नहीं: नरेंद्र पहाड़ी

एक थैला कल था, आज भी है और आगे भी यही रहेगा. चुनाव मैंने नहीं बलिक पटौदी की 36 बिरादरी ने ही लड़ा. मौका मिला तो पटौदी को बनाएंगे आदर्श राजनीति की पाठशाला

फतह सिंह उजाला

पटौदी। चुनाव के नजीते आने में कुछ ही घंटे बाकी हैं, चेहरे पर वही चिरपरिचित मुस्कान, गले में भगवा गमछा और कंधे पर झोला। हार – जीत की कोई शिकन तक नहीं, पहाड़ी गांव के सरपंच रहे आरएसएस के कार्यकर्ता नरेंद्र पहाड़ी जो कि पटौदी से चुनाव के मैदान में हैं। मेरे पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है, न राजनीतिक प्रतिष्ठा और न ही चुनाव में फूंका गया पैसा। पटौदी की जनता ने तो प्यार और समर्थन दिया, वही मेरी मानसिक अज्ञैर शारीरिक ताकत है। चुनाव का परिणाम चाहे जो भी हो, मेरे पास एक थैला कल भी था, आज भी है और हमेशा मेरे पास ही रहेगा। यह कहना है पटौदी के पंचायती उम्मीदवार बन चुके तथा पटौदी के सारंगी के रूप में पहचान बनाने वाले नरेंद्र पहाड़ी का। 

नरेंद्र पहाड़ी ने साफ कहा कि, आज दुनिया की सबसे बड़ी और राजनीतिक शक्तिशाली पार्टी के सामने बड़ी-बड़ी पार्टियों के उम्मीदवारों के चुनाव के नाम पर पसीने छूट रहे हैं। ऐसे में जब जनता साथ दे तो फिर मै अकेला नहीं बलिक चुनाव 36 बिरादरी ने ही मिलकर लड़ा है। नरेंद्र पहाड़ी तो पटौदी के लोगों के बीच रहने वाला एक साधारण इंसान ही है। मेरी कोई राजनीतिक ताकत नहीं, समर्थक नहीं- बस लोगों का मिला समर्थन ही मेरी ताकत है। उन्होंने कहा कि मैं कभी भी बीजेपी के खिलाफ नहीं रहा और न हूं, मेरा विरोध बीजेपी में घुस रही तथाकथित राजनीतिक स्वार्थी विचारधारा का ही है। एेसे में बीजेपी का भी शुद्धीकरण समय रहते किया जाना जरूरत लग रहा है। सत्ता के लिए बीजेपी ही नहीं सभी पार्टियों अब एक जैसी विचारधारा की बनती दिखाई देने लगी हैं। मैं बचपन से ही संघ का कार्यकर्ता हूं और संघ सहित संंघ के संस्कार मेंरे शरीर के कतरे-कतरे में हैं, इन संस्कारों को कोई भी ताकत चाहकर नहीं मिटा सकती है। 

चुनाव परिणाम की बाबत, नरेंद्र पहाड़ी ने कहा कि जनता के समर्थन और अपने वर्षो पुराने मित्रों पर भरोसा किया जा सकता है और पूरा विश्वास है कि इस बार पटौदी की जनता ही अपना सेवक चुनने का फैंसला कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मौका मिला तो पटौदी को आदर्श राजनीति का देश के सामने अनुकरणीय  केंद्र बनाने का काम किया जाएगा।  बिना सुरक्षाकर्मी के ही चुनाव प्रचार करने और लडऩे वाले नरेंद्र ने कहा कि, पटौदी की जनता ने एमएलए बनाया तो भी मैं कोई सुरक्षाकर्मी सरकार से नही लूंगा, और न वेतन ही लूंगा यह मेरा संकल्प है। जो आज बैंक बैंलेंस है पांच वर्ष बाद भी वहीं रहेगा। नरेंद्र पहाड़ी ने कहा कि, आज देश के पीएम मोदी, हरियाणा के सीएम खटट्र, रक्षामंत्री राजनाथ, गृहमंत्री अमित शाह और कितने नाम बताऊं, सभी तो आरएसएस की पाठशाला से समाज और राष्ट्र सेवा का पाठ पढक़र निकले हैं। मैं पीएम मोदी के राजनीति में सुचिता और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का जबरदस्त समर्थक हूं। पटौदी की जनता ने सेवा का मौका दिया तो यह भी सभी को दिखाएंगे कि भ्रष्टाचार के पर कैसे कतरे जा सकते हैं। रही विकास के काम की बात तो इसके लिए निस्वार्थ सेवा भाव की हमारे अंदर भावना के साथ दृढ़ इच्छाशक्ति का, पीएम और सीएम की तरह से होना जरूरी है, वास्तव में यही आरएसएस के भी संस्कार तथा शिक्षा है।

नरेंद्र ने कहा कि मैं आरोप-प्रत्यारोप में नहीें, अपनी कमियों को ही दूर करने पर ध्यान देता हूं। जब कोठ्र कमी नहीं होगी, गलत काम नहीं होंगे न करने दिये जाएंगे तो फिर आरोप भी कोसों ही दूर रहेंगे। मन में एक ललक है कि जो भी संसाधन उपलब्ध हैं या होंगे उनके ही दम पर बिना भेदभाव के काम किये जाएं। सरकार किसी भी पार्टी की बने, जन प्रतिनिधि को अपने और हलके के अधिकारों का ज्ञान होना चाहिये, सरकार विकास में कभी भेेदभाव नहीं करती है। 

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