‘बूथ एप‘ की शुरूआत करके नया प्रयोग : पहले की अपेक्षा अधिक पारदर्शिता आएगी, डुप्लीकेसी होगी समाप्त।

गुरूग्राम, 09 अक्टूबर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा गुरूग्राम जिला के बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार मतदाताओं की सुविधा के लिए ‘बूथ एप‘ की शुरूआत करके नया प्रयोग किया जा रहा है। इस एप के इस्तेमाल से जहां एक ओर मतदान प्रक्रिया में पहले की अपेक्षा अधिक पारदर्शिता आएगी, वहीं दूसरी ओर वोट की डुप्लीकेसी भी समाप्त होगी। गुरूग्राम जिला के अलावा इस एप के लिए हिसार व फरीदाबाद जिलों को भी चुना गया है। 

इस बारे में जानकारी देते हुए बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशानुसार जिला की बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में बूथ एप का इस्तेमाल किया जाएगा। वैसे तो निर्वाचन आयोग की हिदायतानुसार मतदान केन्द्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित है परंतु बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में बूथ एप के प्रयोग के कारण मतदान केन्द्र में मोबाइल ले जाने की विशेष अनुमति आयोग द्वारा दी गई है।  उन्होंने बताया कि बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 3 लाख 95 हजार पंजीकृत  मतदाता है जिनके लिए कुल 362 बूथ बनाए गए हैं। इन सभी बूथों पर इस मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से मतदान प्रक्रिया में पहले से अधिक पारदर्शिता आएगी। उन्होंने बताया कि बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं को बीएलओ द्वारा वोटर स्लिप बांटी जाएगी जो पहले से अलग होगी। इस वोटर स्लिप पर ‘क्यू आर कोड‘ होगा। आगामी 21 अक्टूबर को मतदान के दिन मतदाता को यह वोटर स्लिप बूथ पर बीएलओ को दिखानी होगी। बीएलओ वोटर स्लिप पर बने ‘क्यू आर कोड‘ को अपने मोबाइल से स्कैन करेगा। जिसके बाद मतदाता मतदान संबंधी प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ सकता है।  

उन्होंने बताया कि यह एप आॅनलाइन व आॅफलाइन दोनो मोड पर काम करेगा। यदि किसी कारणवश मोबाइल का नेटवर्क नही आ रहा होगा तो यह प्रक्रिया एसएमएस पर चलेगी और मोबाइल का नेटवर्क आने पर बूथ एप पर डाटा स्वतः ही अपडेट हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बूथ एप के माध्यम से मतदाताओं की उपस्थिति का भी डिजीटल डेटा अपडेट होता रहेगा । इस पूरी प्रक्रिया की सैंट्रेलाइज्ड माॅनीटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही इस एप के माध्यम से मतदान प्रतिशतता आदि डाटा भी अपडेट होता रहेगा। इस एप पर मतदाताओं का अल्फाबेटिकली डेटा अपलोड होगा जिससे बीएलओं के फोन पर मतदाता संबंधी जानकारी आसानी से मिल जाएगी। इसके अलावा, यदि मतदाता मतदान केन्द्र पर वोटर स्लिप नही लाता है तो वह अपने मोबाइल फोन पर आॅनलाइन वोटर स्लिप डाउनलोड कर सकेगा और उसे मोबाइल पर ही अपने बीएलओ को दिखा देगा जिस पर दर्शाए गए क्यू आर कोड को बीएलओ अपने फोन से स्कैन कर सकता है।
श्री रजा ने बताया कि मतदान संबंधी सारी जानकारी निर्वाचन आयोग के डैशबोर्ड सिस्टम पर भी साथ में अपडेट होती रहेगी। उन्होंने बताया कि यदि मतदाता के पास वोटर स्लिप नही है तो वह भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों को दिखाकर भी मतदान केन्द्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार का प्रयोग अब तक हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में किया गया है जिसके बाद अब इसे हरियाणा प्रदेश की तीन जिलो में किया जा रहा है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *