राजविंद्र कौर : नेगेटिव रोल करना ही पसंद

कमलेश भारतीय

जिंदल ज्ञान केंद्र में मनीष जोशी की रंगमंडली अभिनय रंगमंच की ओर से चार दिन मंचित की गयी रामायण में एक साथ तीन तीन रोल करने वाली राजविंद्र कौर का कहना है कि उन्हें नेगेटिव रोल करना ही पसंद हैं । वे रामायण की खलनायिका मंथरा और श्रूपनखा के साथ साथ त्रिजटा के रोल निभा रही थीं जिनमें दो के बिना रामायण को गति न मिल पाती । तीसरा पाॅजिटिव रोल रहा त्रिजटा का । राजविंद्र कौर मूल रूप से टोहाना की निवासी हैं और रामायण भी जसवंत सिंह टोहानवी की ही रचित थी । टोहाना के गवर्नमेंट स्कूल में जमा दो तक शिक्षा के बाद उन्हें पापा परमजीत सिंह हिसार में अभिनय रंगमंच के मनीष जोशी को सौंप गये कि एक्टिंग सिखाइए । लेकिन दुख यह कि वे फिर इसकी एक्टिंग देखने के लिए दुनिया में नहीं रहे । कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के साथ साथ तीन साल से वे अभिनय रंगमंच से जुडी हैं और सनसिटी में जाॅब भी करती हैं ।

पहला नाटक ?

गौरव खैरवाल के निर्देशन में एम आर मार्केट ।

दूसरा नाटक ?

आषाढ का एक दिन । मनीष जोशी के निर्देशन में ।

तीसरा नाटक ?

रामायण । इसमें मंथरा , श्रूपनखा और त्रिजटा यानी सीता की निगरानी करने वाली रावण की सेविका का । या कह सकते हैं कि महिला पुलिस का ।

क्या बात ऐसी उम्र में मां अम्बिका का रोल कैसे ?

यह तो डायरेक्टर ही जानें ।

स्कूल के समय कौन सी कला में थीं ?

भंगडा कोच । प्रिंसिपल विनय वर्मा मेरे प्रेरक ।

कैसे रोल पसंद हैं ?

नेगेटिव रोल । जब मेरे मंथरा या श्रूपनखा के रोल पर मुझसे नफरत करते हैं दर्शक तब मैं अपने को सफल मानती हूं ।

कौन एक्टर पसंद ?

नाना पाटेकर ।

मनीष जोशी और राखी जोशी के बारे में क्या ख्याल है ?

दोनों बहुत अच्छे । राखी जोशी का कोई मुकाबला ही नहीं । मां की तरह कलाकारों का ख्याल रखती हैं ।
-नाटक में और क्या योगदान ?

मैं कलाकारों का मेकअप भी करती हूं । राम , रावण आदि का मेकअप किया ।

कोई पुरस्कार ?

हरियाणा फिल्म फेस्टिवल में मिला पुरस्कार ।

लक्ष्य ?

गेटिव रोल्ज में सफलता पाना ।
हमारी शुभकामनाएं राजविंद्र कौर को । आप इस नम्बर पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं : 7494853006

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