आरे को बचाने के संघर्ष पर Y4S का बयान

21 अक्टूबर को अगली सुनवाई तक आरे के जंगलों में पेड़ों की कटाई और यथास्थिति बनाए रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का यूथ फ़ॉर स्वराज(Y4S) स्वागत करता है।

Y4S उन सभी को बधाई देता है जो आरे जंगल को बचाने के लिए संघर्षों में भाग ले रहें हैं, जिनमें से अधिकांश छात्र हैं। यह संघर्ष भारत में पर्यावरणीय संघर्ष के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बिंदु  जब युवा छात्र ग्रह के भविष्य के लिए जेल जाने के लिए तैयार हैं।

Y4S ने हमेशा माना है कि सामाजिक आंदोलनों को मजबूत करना हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने की कुंजी है। Y4S को अपने सदस्यों कपिल दीपक अग्रवाल और श्रुति माधवन नायर पर गर्व है, जो पर्यावरण बचाने के लिए बहादुरी के साथ जेल गए और ऋषव रंजन, जिन्होंनें अमरेन्द्र सिंह, अमन बंका और अन्य के साथ; भारत के मुख्य न्यायाधीश के सामने एक छात्र प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया कर मुख्य न्यायाधीश से मामले में  तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया।

Y4S भारत के सर्वोच्च न्यायालय को धन्यवाद करता है, जिन्होंनें  याचिका की त्वरित सुनवाई की व्यवस्था की और वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े, वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन और टीम का आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने छात्र याचिकाकर्ताओं की ओर से बहस की।

हमारे प्रयासों के बारे में कई न्यायोचित प्रश्न हैं कि जब अधिकांश पेड़ों को पहले से ही अंधेरे के आवरण के तहत और क्षेत्र में असंवैधानिक रूप से धारा 144 लगाकर शर्मनाक तरीके से काट दिया गया है। Y4S यह कहना चाहता है कि यह संघर्ष केवल आरे को बचाने के लिए नहीं है, यह वर्तमान सरकार के  ग्रह-विरोधी, पर्यावरण-विरोधी रवैये के खिलाफ भी है, जो लापरवाही के साथ स्वीकार करता है कि उन्होंनें प्रस्तावित मेट्रो कार शेड के निर्माण के लिए वैकल्पिक साइटों का पता नहीं लगाया यह जानते हुए भी कि इस परियोजना से पूरे पारिस्थितिक तंत्र खतरा है। हमारा संघर्ष “मेट्रो बनाम पर्यावरण”, “प्रगति बनाम ग्रह”, इत्यादि जैसे खतरनाक बाइनरी बनाकर जनता को गुमराह करने के शातिर प्रयास के खिलाफ रहा है।

ऐसे समय में जब दुनिया भर के युवा ग्रह के भविष्य की सुरक्षा के लिए सड़कों पर हैं, पृथ्वी के सबसे युवा राष्ट्र के युवा हमारे भविष्य के विनाश के समय मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकते।

Y4S ने भारत के हर कोने में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए दिन-प्रतिदिन चल रहे संघर्षों का हिस्सा बनने का संकल्प लिया है और हम अपने संघर्ष और परिश्रम को बेरोकटोक जारी रखेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *