कांगो (अफ्रीका) में तैनात भारतीय सेना का लैफ्टीनैंट कर्नल गौरव सोलंकी दो अफसरों को मौत के मुंह से निकाल कर खुद मौत के मुंह में फंसे

रहस्यमय ढ़ंग से झील में डूबने से सोलंकी की मौत

सर्वदमन सांगवान
अफ्रीकी देश कांगों में संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) के शांति आपरेशन में तैनात भारतीय सेना के एक लै़ेफ्टीनैंट कर्नल गौरव सोलंकी की रहस्यमय मौत होने का समाचार मिला है ।

एक अन्य अफ्रीकी देश रवांडा की बॉर्डर पर लेक कीवू नाम की एक विशाल झील में गौरव सोलंकी के डूबने की खबर आई है । यह झील विश्व की 10 सबसे गहरी झीलों में एक है । बताया जाता है कि कीयू झील की गहरायी क़रीब 400 मीटर है और इस झील के तल से मीथेन गैस निकलती है । झील के अंदर कुछ छोटे द्वीप भी हैं , जहां कयाकिंग, रोयिन्ग की जाती है। झील के बीच में एक कैफ़े भी है ।

यहां मिली जानकारी के मुताबिक लेफ्टिनेंट कर्नल गौरव सोलंकी रविवार को कीवु झील में भारतीय सेना के तीन अन्य ऑफ़िसर के साथ कयाकिंग कर रहे थे । सभी अधिकारी अलग अलग कयाक पर सवार थे । अचानक एक ऑफ़िसर की कयाक पानी में पलट गई । इस पर दो अधिकारी सवार थे । अपने साथियों को डूबते देख कर गौरव सोलंकी से रहा न गया और उन्होंने अपने साथियों को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी । गौरव सोलंकी अच्छे तैराक रहे हैं । काफी मशक्कत के बाद वे दोनों अधिकारियों को बचाने में सफव़ल रहे । जब वे दोनों अधिकारियों को बचाने के बाद अपनी कयाक की तरफ जा रहे थे तो न जाने किस कारणवश गौरव सोलंकी ने अपनी लाइफ़ जैकिट निकाली और पानी में गोता लगाया । प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गौरव सोलंकी ने डूबने से पहले बचाने की गुहार भी लगाई थी , लेकिन जब तक मदद पहुँची यह ऑफ़िसर ग़ायब था । इसके बाद से अब तक गौरव सोलंकी का कोई सुराग नहीं लगा है ।

गौरव सोलंरकी को ढ़ूंढ़ने के लिए 2 हैलीकाप्टर तथा एक स्कूबा टीम की मदद से खोज अभियान चल रहा है । इस हादसे के बाद से भारतीय खेमे में भारी चिंता व हताशा का माहौल है ।

गौरतल है कि गौरव सोलंकी पिछलॉ एक साल से कांगों में तैनात थे । आगामी 15 सितंबर को उन्हें वापिस भारत लौटना था । बताया जाता है वे राजस्थान के रहने वाले थे ।

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