बहरोड़ थाने की कोठरी में पैसों को लेकर पुलिस और सरपंच की हुई थी सौदेबाजी, बात नहीं बनी तो बदमाशों ने कर डाली ताबड़तोड़ फायरिंग

अशोक कुमार कौशिक 

बहरोड़-अलवर । हरियाणा के पडौसी अलवर जिले के  बहरोड़ थाने में एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग कर पपला गुर्जर को छुड़ाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। खुलासा इतना बड़ा हुआ है कि यह पुलिस अधिकारियों की नींद उड़ा सकती है। बहरोड़ थाने के हवालात से पपला गुर्जर को छुड़ाने से पहले थाने की कोठरी में सौदेबाजी के प्रयास किए गए।

सौदेबाजी सफल नहीं होने पर एक व्यक्ति ने बाहर आकर बदमाशों को इशारा किया। उसके बाद बदमाश ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए थाने में घुसे। हवालात का ताला तोडकऱ पपला गुर्जर को भगा ले गए। सूत्रों के अनुसार जिस सरपंच को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसी सरपंच ने पुलिस व बदमाशों के बीच सौदा कराने के प्रयास किए।

बहरोड़ पुलिस थाने का एक हैड कांस्टेबल सरपंच के बेहद नजदीक हैं। जिनके जरिए सौदेबाजी आगे बढ़ी हैं लेकिन, आखिर तक बात नहीं बन पाई। इसके बाद सरपंच ने बाहर आकर बदमाशों को इशारा किया कि बात नहीं बन रही। इशारा मिलते ही बदमाश थाने के अन्दर घुस गए। हालांकि पूरी सच्चाई जांच के बाद ही पता चलेगी। सरपंच के थाने से निकलने और फायरिंग के बीच कितना अंतर था यह भी जांच से ही साफ हो पाएगा। पुलिस और सरपंच के बीच कितनी देर बातचीत हुई। सरपंच के वहां रहते हुए फायरिंग हुई या उसके वहां से जाने के बाद। इसका खुलासा भी तभी हो पाएगा।

विनोद स्वामी बहरोड़ के जखराना का सरपंच है। विनोद बहरोड़ थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि इस घटनाक्रम के बाद से ही पुलिस के उच्च अधिकारी इस पर नजर बनाए हुए हैं। विनोद के खिलाफ बहरोड़, कोटपुतली, आबकारी पुलिस थाना बहरोड़, हरियाणा के नारनौल, अटेली तथा झुंझुनू के खेतड़ी नगर पुलिस थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं।

पपला को पकडऩे के बाद रात को भिवाड़ी से मिले बहरोड़ थानाधिकारी सुगन सिंह लेकिन पपला और नकदी की भनक नहीं लगने दी, क्या थी मंशा?

बहरोड़ एसएचओ सुगन सिंह ने पपला गुर्जर को पकड़ा लेकिन पुलिस अधीक्षक को जानकारी तक नहीं दी।

बहरोड़ थाने पर एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग कर कुख्यात अपराधी विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को भगाने में पुलिस की मिलीभगत सामने आ रही है। पपला को 32 लाख रुपए के साथ पकडऩे के बाद एसएचओ सुगनसिंह बहरोड़ के एक होटल में भिवाड़ी एसपी अमनदीप सिंह और एएसपी नीमराणा तेजपाल सिंह से मिले, लेकिन फिर भी एसएचओ ने उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगने दी। भिवाड़ी एसपी अमनदीप सिंह जयपुर में सीएम कॉन्फ्रेंस के बाद गुरुवार देर रात सीधे नीमराणा थाने पहुंचे। वहां उन्होंने कश्मीरी छात्र के प्रकरण में पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। शुक्रवार तडक़े 4:30 बजे एसपी अमनदीप थाने से बहरोड़ स्थित एक होटल पहुंचे। इस दौरान नीमराणा एएसपी तेजपाल सिंह भी साथ थे।

एसपी से मिल सीधे थाने पहुंचे एसएचओ

पुलिस सूत्रों के अनुसार एसपी को होटल में छोडऩे के बाद एसएचओ सुगनसिंह सौदेबाजी के लिए सीधे बहरोड़ थाने पहुंचे और पपला से अपने चैम्बर में बैठाकर पूछताछ की। सौदेबाजी के लिए दवाब बनाने के लिए पपला और बरामद राशि के साथ मोबाइल से फोटो भी कराया। इस मामले में पूरे बहरोड़ थाने पर गाज गिर सकती है।

फिर भी नहीं बढ़ाई सुरक्षा

पपला ने पुलिस को पहले उस्मान और फिर साहिल उर्फ पप्पल नाम बताया। रोजनामचे में भी उसका नाम साहिल उर्फ पप्पल दर्ज किया। एसएचओ सुगनसिंह सहित अन्य पुलिसकर्मियों को घटना से काफी पहले यह पता चल गया था कि पपला ने नाम-पता गलत बताया है, फिर भी उन्होंने इसे बेहद हल्के में लिया और थाने में सुरक्षा इंतजाम बेहतर नहीं किए।

भागने के बाद पता चला, कौन है पपला?

पांच घंटे से ज्यादा पुलिस कस्टडी में रहने के बाद भी पुलिस को पता नहीं चला कि जिसको 32 लाख रुपए के साथ पकड़ा है, वह आखिर कौन है। जब साथी बदमाश एके-47 से फायरिंग कर पपला को लॉकअप से छुड़ा ले गए, तब अधिकारियों को पता चला कि वह हरियाणा का कुख्यात इनामी बदमाश विक्रम उर्फ पपला गुर्जर था।

कश्मीरी छात्र प्रकरण में नीमराणा थाने पर पुलिस अधिकारियों की बैठक लेने के बाद वह और नीमराणा एएसपी करीब 4:30 बजे नीमराणा थाने से रवाना होकर बहरोड़ के एक होटल पहुंचे थे। वहां बहरोड़ एसएचओ सुगनसिंह मिले, लेकिन उन्हें कार्रवाई के बारे में कुछ नहीं बताया। इसकी पड़ताल की जा रही है। – अमनदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक, भिवाड़ी।

डीजीपी भूपेन्द्र सिंह ने माना, बहरोड़ पुलिस से हुई चूक, लेकिन आरोपियों को हर कीमत पर दबोच लेगी.

पुलिसपुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह का बहरोड़ फायरिंग मामले पर बयान, बोले- अपराधी कब तक पकड़े जाएंगे, अभी आश्वास्त नहीं कर सकते ।


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