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सुप्रीम कोर्ट द्वारा किसान आंदोलन जायज ठहराने पर स्वागत.
26 को करोड़ो किसान अपने ट्रैक्टर ट्रालियों में दिल्ली पंहुचेगें.
तिरंगा यात्रा को किसानों को किया एकजुट, संर्घष जारी रहेगा

फतह सिंह उजाला

छह माह पूर्व किसान और कृषि विरोधी बिल को ध्वनी मत से पारित करते समय आठ विपक्ष के नेताओं द्वारा इसका विरोध किए जाने सहित कृषि बिल को अनुचित ठहराने पर आठ सांसदो को निलंबित किया गया । संयुक्त मोर्चा के आहवान पर जारी संर्घष के बीच मंगलवार को केरला के राज्य सभा सांसद केके रागेश के द्वारा यह बात खेडा बार्डर पर किसानों के बीच कही गई। उन्होंने स्पष्ट रूप से सत्तासीन भाजपा की केंद्र सरकार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि किसानो के अहित में कृषि कानून को किसानों की बिना मर्जी से पारित किया गया, वह सभी के लिए  घातक सिद्ध होगा। किसानों की लड़ाई तो केंद्र सरकार से है, सुप्रीम कोर्ट से किसानों की कोई लड़ाई ही नहीं। कृषि कानून संसद में पास किये गए है। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा किसान आंदोलन को किसानों का अधिकार बताना, स्वागत योग्य है। 26 को करोड़ो किसान अपने ट्रैक्टर ट्रालियों में दिल्ली पंहुचेगें। तिरंगा यात्रा के लिए सभी किसानों  एकजुट हैं और किसानों का आंदोलन जारी ही रहेगा

खेडा बोर्डर पर गत एक माह से हरियाणा, राजस्थान, अंाध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल के किसान मजबूती सहित एकजुटता से लंगर डाले हुए है। यहां बैरिगेटस लगाकर रोके जाने के उपरंात चल रहे आंदोलन में शामिल किसान केंद्र के तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने व समस्त देश में सभी फसलों पर एक समान एमएसपी लागू करने की मंाग को लेकर एकजुटता का संदेश दे रहे है ।

संासद केके रागेश ने कहा कि आज खेडा बोर्डर पर और दिल्ली के चारो तरफ लाखों की संख्या में जब किसान कृषि कानून का विरोध कर रहा है , तो उसे केंद्र के द्वारा क्यों लागू किया जा रहा है । कई दौर की बैठक में फैंसला नहीं होने पर ही संयुक्त किसान मोर्चा केंद्रीय कमेटी द्वारा आगामी 26 जनवरी तक सभी कार्यक्रम तय किए गए है । यदि इसके बीच केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट किसानों की मांग के अनुरूप तीनों कृषि कानूनो को रद््द नही करती व एमएसपी को लागू नही करती है, तो  किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा ।

इससे पहले किसान सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष विधायक पीकृष्णा प्रसाद, किसान समन्वय राष्ट्रीय मंत्री बीजू कृष्ण, केंद्रीय राष्ट्रीय  किसान सभा के कार्यकारिणी सदस्य एवं गुजरात क्षेत्र के ताप्सा सिन्हा, श्रीमती एआर सिंधु दिल्ली, सीआईटीयू नेशनल सचिव, पूर्व विधायक पैमा राम, पूर्व विधायक पवन दुगगल, खेडा बोर्डर संयुक्त मोर्चा के वरिष्ठ किसान नेता राजाराम मील, छगन लाल चैधरी, डॉ संजय माधव आदि किसान नेताओं ने मंगलवार को गुजरात, केरल, आंध्रप्रदेश से पंहुचे सैकड़ो किसानों का व जयपुर क्षेत्र से प्रोफेसर सीबीयादव के नेतृत्व में यूथ फॉर किसान तिरंगा यात्रा का संयुक्त मोर्चा जयसिंहपुर खेडा बोर्डर पर जोरदार स्वागत किसानों के उत्साह सहित जोश को जाहिर किया गया।

विभिन्न किसान नेताओं ने कहा कि किसान जिसकी मांग नही करता , उसे जबरदस्ती लागू किया जाता है । किसानो ने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की बात कही,  इसके उलट कॉरपोरेट घरानो को अधिक सक्षम बनाने व किसान कमेरा वर्ग को मजदूरी की राह पर धकेलने के लिए विवश किया जा रहा है । किसानों ने सुप्रीम कोर्ट से कोई भी मांग नही की, सुप्रीम कोर्ट के द्वारा ही कृषि कानून पर स्टे लगाने की बात की गई । सरकार व सुप्रीम कोर्ट के जारी निर्देशों के अनुसार चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया , जो कि किसानों को मंजूर ही नहीं। लेकिन सरकार  से किसान जो मांग करते है ,  उसके उलट ही सरकार कार्य कर रही है । संयुक्त मोर्चा के आहवान पर निर्धारित 13, 14, 15 जनवरी को कार्यक्रम के तहत संयुक्त मोर्चा अपना कार्यक्रम करेगा ।

इसके बीच यदि सुप्रीम कोर्ट या केंद्रीय सरकार किसानों के आंदोलन को समाप्त करने, उनको वापस अपने अपने मोर्चो से घर भेजने के लिए तीनों कृषि कानूनो को रद्द करने, एमएसपी को पूरे देश में समान कानून के तहत लागू करने की पहल करता है तो केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट का किसान स्वागत करेंगे । अन्यथा 26 जनवरी गणतंत्रा दिवस पर दिल्ली विभिन्न क्षेत्रों की झांकियों का सुंदर स्वरूप लेकर भारत के कोने कोने से किसान ट्रैक्टर मार्च में तिरंगा लेकर केंद्र सरकार को अपनी बात मनवाने के लिए विवश करेगा । किसान नेताओं ने खेडा बोर्डर संयुक्त मोर्चा की ओर से सुप्रीम कोर्ट द्वारा किसानो को उनकी बात रखने का अधिकार व विभिन्न बोर्डरों पर सड़क पर बैठे किसानो को जायज ठहराने का स्वागत किया। इसके साथ साथ किसानों नें कहा कि कृषि कानून पर स्टे नही चाहिए, ये कानून रद्द किये जाने चाहिए । एमएसपी पूरे देश में समान रूप से लागू होना चाहिए।

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