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सरकार के द्वारा डीएपी खाद उपलब्ध करवाए जाने के दावे हुए हवा हवाई.
पटोदी, बोहड़ाकला, जमालपूर, बिरहेड़ा मोड के प्रतिष्ठानो पर छापामारी.
पटौदी क्षेत्र के 15 बीज एवं खाद विक्रेताओं के यहां की गई छापेमारी.
पटोदी एसडीएम को डीएपी खाद ब्लैक मेलिंग की मिल रही थी शिकायतें.
इन्हीं प्राप्त शिकायतों पर गुरुवार को की गई छापेमारी की कार्रवाई

फतह सिंह उजाला

पटौदी । लो जी.. जब विक्रेताओं के स्टॉक मैं डीएपी खाद ही उपलब्ध नहीं है तो फिर डीएपी खाद की ब्लैक मार्केटिंग कैसे हो सकेगी ? इससे यही साबित होता है कि सरकार बेशक से किसान और कृषि हित को सर्वाेपरि ठहराते हुए डीएपी खाद की भरपूर मात्रा में उपलब्धता के दावे कर रही हो। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है ।

पटौदी सब डिवीजन के एसडीएम प्रदीप कुमार को लगातार फोन के माध्यम से इस बात की शिकायतें मिल रही थी कि पटोदी और फर्रूखनगर क्षेत्र में बीज और खाद विक्रेताओं के द्वारा डीएपी खाद की ब्लैक मेलिंग अथवा ब्लैक मार्केटिंग करते हुए डीएपी खाद की बिक्री की जा रही है । इस प्रकार की लगातार मिल रही शिकायतों को पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार के द्वारा बिना किसी देरी के गंभीरता से लिया गया। शिकायत कर्ताओं के द्वारा तो यहां तक शिकायतें की गई की डीएपी खाद के प्रति बैग के बदले में खाद विक्रेताओं के द्वारा मनमाने दाम भी वसूल किए जा रहे हैं। इसके बाद में पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार के द्वारा पटौदी के नायब तहसीलदार और खंड कृषि अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों की एक टीम तैयार की की गई और इस टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पटौदी और फर्रूखनगर क्षेत्र में जितने भी बीज और खाद के विक्रेता हैं , सभी के यहां जाकर के अचानक खाद विशेष रूप से डीएपी खाद के स्टॉक अथवा भंडारण की जांच की जाए और यह भी पता लगाया जाए की डीएपी खाद प्रति बैग किस रेट पर बिक्री किया जा रहा है । पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार के द्वारा बीज एवं खाद विक्रेताओं के यहां डीएपी खाद के स्टॉक की चेकिंग और बिक्री की जांच के लिए छापेमारी के लिए भेजी गई टीम पूरी तरह से खाली हाथ ही रह गई।

गौरतलब है कि पटौदी विधानसभा क्षेत्र केंद्र में मंत्री राव इंद्रजीत सिंह जिनके स्वर्गीय पिता राव बिरेंदर सिंह पटोदी से ही चुनाव लड़ कर दक्षिणी हरियाणा एवं अहीरवाल क्षेत्र से हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री बने और केंद्र में कृषि मंत्री भी रहे । इस बड़ी उपलब्धि को देखते हुए उनका सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ रहा है। दूसरी और कुछ दिन पहले ही पटौदी क्षेत्र के ही गांव जमालपुर के मूल निवासी भूपेंद्र यादव को भी पीएम मोदी के द्वारा अपने मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है । अब जिस छोटे से विधानसभा क्षेत्र से संबंधित मोदी मंत्रिमंडल में एक साथ दो मंत्री मौजूद हो और उसी विधानसभा क्षेत्र में किसानों को जरूरत के समय पर डीएपी खाद के एक-एक बैक के लिए धक्के खाने पड़ रहे हो, तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अहीरवाल के दो दिग्गज केंद्र में मंत्री, हरियाणा में किसान और कृषि हित को सर्वाेपरि मानने वाली भारतीय जनता पार्टी तथा जननायक जनता पार्टी की गठबंधन सरकार और सरकार के मंत्री अथवा सर्वे सर्वा कितने गंभीर दिखाई दे रहे हैं । यहां यह भी विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात है बीते संडे को ही केंद्र में मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के द्वारा मानेसर इलाके के गांव कासन में किसान सम्मान समारोह के मंच से दावा किया गया था कि सोमवार से 1650 के दाम पर बाजरा की सरकारी खरीद आरंभ कर दी जाएगी । गुरुवार को 4 दिन बीत जाने के बाद भी अनाज मंडियों में किसी भी सरकारी एजेंसी के द्वारा एक दाना बाजरा 1650 के दाम पर नहीं खरीदा गया है । किसानों के द्वारा जो बाजरा बिक्री के बाद में दाम अथवा रकम मिलती है , उसी पैसे की बदौलत ही किसान अपनी आगामी फसल सरसों की बिजाई और खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले डीएपी खाद खरीदने को ही प्राथमिकता देते हैं ।

गुरुवार को पटौदी एसडीएम प्रदीप कुमार के निर्देशानुसार बीज और खाद विक्रेताओं के यहां की गई अचानक छापामारी के बाद में पटौदी तहसीलदार के द्वारा जो रिपोर्ट पटौदी एसडीएम प्रदीप कुमार को उपलब्ध करवाई गई है , वह बेहद चौंकाने वाली है । गुरुवार को पटौदी, हेलीमंडी अनाज मंडी क्षेत्र, जमालपुर, बोहड़ाकला , बिरहेड़ा मोड पर की गई छापेमारी के बाद रिपोर्ट में साफ लिखा गया है डीएपी खाद का एक बैग भी बीज अथवा खाद विक्रेताओं के पास स्टाक में उपलब्ध नहीं है । वही हेलीमंडी मं यूरिया के 11589 बैग तथा एसएसपी के 320 बैग टोंक में उपलब्ध होने की पुष्टि की गई है । हेली मंडी में सिंगला एग्रीकल्चर स्टोर , श्रवण खाद भंडार , जैन खाद भंडार, पंकज खाद बीज भंडार, चौहान खाद भंडार  बोहड़ाकला , छोटेलाल खाद भंडार बोहड़ाकला, मूलचंद खाद स्टोर पटौदी , बलबीर सिंह एंड संस पटौदी इन सभी प्रतिष्ठानों पर की गई छापेमारी के बाद एक बैग भी डीएपी खाद का स्टॉक में उपलब्ध नहीं मिला है । दूसरी ओर फर्रूखनगर क्षेत्र में शिवा ट्रेडिंग कंपनी जमालपुर, श्रीराम खाद बीज भंडार जमालपुर, सतीश बीज भंडार बिरहेडामोड,शिव बीज भंडार फरुखनगर,  लक्ष्मी बीज भंडार फरुखनगर, फकीर चंद मंगला फरुखनगर और उत्तम बीज भंडार फरुखनगर के यहां भी डीएपी खाद के भंडारण अथवा स्टॉक की चेकिंग की गई । हैरान करने वाली बात यह है कि फरुखनगर, जमालपुर और बिरहेडामोड पर की गई ताबड़तोड़ छापेमारी में भी किसी भी बीज अथवा खाद विक्रेता के यहां स्टॉक में डीएपी खाद व अन्य उर्वरक उपलब्ध ही नहीं थे ।

इधर पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार ने गुरुवार को डीएपी खाद को लेकर की गई छापेमारी और इसके बाद में डीएपी खाद के स्टाक के संदर्भ में उपलब्ध रिपोर्ट के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि खाद की जो कमी अथवा समस्या किसानों के सामने बनी हुई है, उसके विषय में संबंधित विभाग, जिला प्रशासन सहित उच्चाधिकारियों को समय रहते अवगत करवाया जा चुका है । उन्होंने कहा जिस प्रकार से गुरुवार को बीज अथवा खाद विक्रेताओं के यहां खासतौर से से डीएपी खाद को लेकर  छापामारी की कार्रवाई की गई है , यह निकट भविष्य में भी इसी प्रकार से जारी रहेगी । उन्होंने किसानों का भी आह्वान किया है कि यदि कोई भी खाद या अन्य जरूरत का उर्वरक विक्रेता जरूरत से अधिक दाम खरीदार से वसूल करता है या खाद की ब्लैक मेलिंग या ब्लैक मार्केटिंग करता है तो उसके विषय में पटौदी उपमंडल कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाएगा और छापेमारी अथवा जांच में जो भी बीज खाद विक्रेता दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

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