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महंगाई व बेरोजगारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करके काला दिवस मनाना व काले कपड़े पहनना कैसे धर्म व किसी भी आस्था के खिलाफ हो सकता है : विद्रोही
अमित शाह को सुुप्रीम कोर्ट ने गुजरात से तडीपार किया था या नही? और योगी आदित्यनाथ पर साम्प्रदायिक उन्माद फैलाकर हिंसा, दंगों, नफरत फैलाने के आरोप में कितने मुकदमे दर्ज थे, यह भी जनता को बताये : विद्रोही

6 अगस्त 2022 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को महंगाई, बेरोजगारी व जीएसटी पर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन व आंदोलन की भारी सफलता से मोदी-भाजपा-संघी बुरी तरह से बौखला गए है और इसी बौखलाहट में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह व उत्तरप्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं के काले कपडों को धर्म, आस्था का अपमान बताने का जो कुप्रयास कर रहे है वह बताता है कि संघीे किस बीमार मानसिकता के फासिस्ट, जनविरोधी व साम्प्रदायिक उन्माद, दंगे फैलाने वाले लोग है।

विद्रोही ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी व जीएसटी के विरोध में आंदोलन की धर्म व आस्था से तुलना कोई बीमार मानसिकता का जनविरोधी अराजक तत्व ही कर सकता है। जिस तरह से शुक्रवार को कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी, बेकारी, जीएसटी, साम्प्रदायिकता के खिलाफ पूरे देश में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है, उससे मोदी-भाजपा-संघी सरकार बुरी तरह से बौखला गई है। इसी बौखलाहट में अमित शाह व योगी आदित्यनाथ अनाप-शनाप बोलकर अपनी हताशा प्रकट कर रहे है। महंगाई व बेरोजगारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करके काला दिवस मनाना व काले कपड़े पहनना कैसे धर्म व किसी भी आस्था के खिलाफ हो सकता है।

विद्रोही ने बीमार मानसिकता के जनविरोधी, फासिस्ट भाजपाई-संघीयों से सवाल किया कि देश की 140 करोड़ की जनता क्या महंगाई, बेरोजगारी से त्रस्त नही है? क्या इस समय देश में विगत 45 वर्षो की सबसे ज्यादा बेरोजगारी व महंगाई दर नही है?

आमजन के पेट से जुड़े मुद्दे उठाकर आंदोलन करना धर्म व आस्था के खिलाफ कैसे हो सकता है? संघीयों को काले कपडों से इतनी ही चिड़ है तो मोदी-भाजपा-संघ बताये कि मोदीजी ने गत वर्ष काले कपडे पहनकर प्रयागराज में कुंभ स्नान क्यों किया था? क्या काले कपड़े पहनकर कुंभ स्नान करना धर्म सम्मत है? प्रयागराज में कुंभ स्नान के समय धार्मिक नियमों की अवेहलना करके काले कपड़े पहनकर गंगा में कुंभ स्नान करने वाले प्रधानमंत्री मोदीजी का स्वयंभू संघी हिन्दुत्व के अलम्बरदारों ने विरोध क्यों नही किया?

विद्रोही ने सवाल किया कि क्या अमित शाह को सुुप्रीम कोर्ट ने गुजरात से तडीपार किया था या नही? और योगी आदित्यनाथ पर साम्प्रदायिक उन्माद फैलाकर हिंसा, दंगों, नफरत फैलाने के आरोप में कितने मुकदमे दर्ज थे, यह भी जनता को बताये। जिन नेताओं का खुद का चाल-चरित्र दागदार रहा तो आज वे हिन्दू धर्म के स्वयंभू अलम्बरदार कैसे बन गए? काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन करना, काले झंडे दिखाना भारत के 75 साल के प्रजांतात्रिक इतिहास में विरोध का एक अहम हिस्सा रहा है। पर जिन संघीयों ने कभी आजादी आंदोलन में भाग नही लिया और जिनकी लोकतंत्र व संविधान में किंचित मात्र आस्था नही हो, वे ही ऐसी बेसुरी रूदाली करके जनता को गुमराह करने का कुप्रयास कर सकते है।

विद्रोही ने कहा कि पूरा देश महंगाई व बेरोजगारी से त्रस्त है, पर सत्ता मद में चूर भाजपाई-संघी तो महंगाई व बेरोजगारी को ही नकार रहे है। ऐसी जनविरोधी मानसिकता के संघीयों के साथ कैसा व्यवहार किया जाये, इस पर देश की जनता को गहन चितंन करने की जरूरत है। वहीं विद्रोही ने हरियाणा के कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं को एकजुटता के साथ महंगाई, बेरोजगारी व खाद्य पदार्थो पर जीएसटी थोपने के आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेकर इसे सफल बनाने पर उन्हे बधाई देते हुए सभीे का आभार प्रकट किया। 

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