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दौंगड़ा अहीर उप तहसील मामला: दस सालों से उठ रही मांग को नजरअन्दाज करना सरासर अन्याय- गोमला

भारत की संस्कृति में जिसका नमक खाया जाता है उसको भारी सम्मान दिया जाता है । यहाँ तो मुख्यमंत्री ने रात्री विश्राम भी दौंगडा अहीर में किया । गांव ने उनकी अच्छी मेजबानी भी की इसके बावजूद दौंगडा अहीर को गुमराह किया

भारत सारथी/ कौशिक

नारनौल। दौंगड़ा अहीर को उप तहसील बनाने के लिए पिछले दस सालों से लगातार उठ रही मांग को नजरअन्दाज करना सरासर अन्याय है | जिला का केन्द्रीय गांव होने के नाते दौंगडा अहीर को बहुत पहले ही उपतहसील बना देना चाहिए था ।

सर्व समाज मंच के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम गोमला ने मुख्यमंत्री द्वारा दौंगडा अहीर को उपतहसील ना बनाकर सीहमा को उपतहसील बनाने की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि दौंगडा अहीर एक बडा गांव है जिसमें हुई हर गतिविधि से लगभग चालीस गाँव प्रभावित होते हैं | इस गाँव को उपतहसील नही बनाकर भाजपा ने अटेली विधानसभा में अपने लिए गहरा गड्ढा खोद लिया है जिसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा |

उन्होने मुख्यमंत्री के उस बयान पर आश्चर्य व्यक्त किया जिसमें मुख्यमंत्री ने यह कहा कि सीहमा और दौंगडा दोनों को उपतहसील बना देंगे । उनका यह बयान स्पष्ट जाहिर कर रहा है कि वह दोनों ही गांवों को गुमराह कर रहे हैं । सीहमा और दौंगडा अहीर में मात्र पांच छः किलोमीटर का अन्तर है । ऐसे में दोनों स्थानों पर उपतहसील बनाना कैसे सम्भव है ? इसका सीधा सा मतलब है कि वे दोनों को गुमराह कर गए ।

उन्होने कहा कि दौंगडा अहीर से महेन्द्रगढ़ नारनौल कनीना व अटेली समान दूरी पर हैं । होना तो यह चाहिए था कि दौंगडा अहीर को तहसील व उपमंडल बनाना चाहिए था। मगर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों की दस सालों की मांग की घोषणा ना करके सब उम्मीदों पर पानी फ़ेर दिया है ।

उन्होने कहा कि भारत की संस्कृति में जिसका नमक खाया जाता है उसको भारी सम्मान दिया जाता है । यहाँ तो मुख्यमंत्री ने रात्री विश्राम भी दौंगडा अहीर में किया । गांव ने उनकी अच्छी मेजबानी भी की इसके बावजूद दौंगडा अहीर को गुमराह किया गया जो पूरी तरह गैरवाजिब और विश्वास भंग करने जैसा है।

उन्होने कहा कि इसका सीधा सीधा दोष स्थानीय प्रतिनिधित्व को जाता है जो अपने हलके पैरवी नही कर सका ।

उन्होने कहा कि दौंगडा अहीर चालीस गांवों का केन्द्रीय गांव इसलिए सरकार या तो शीघ्र अधिसूचना जारी कर दौंगडा अहीर को उपतहसील बनाने की कार्यवाही करे अन्यथा जनता के भारी रोष का सामना करना पड़ेगा।

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