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दो समुदायों के बीच जमकर चले कुल्हाड़ी फरसे, एक युवक के पैरों तथा सिर में कुल्हाड़ी के गहरे घाव, अवस्था गंभीर

वोटों की राजनीति ने बिगाड़ा गांव का आपसी सद्भाव
हरियाणा पुलिस में कार्यरत खेड़ी गांव के दो पुलिसकर्मियों की सारे मामले में अहम भूमिका
तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात
मुख्य आरोपी फरार पुलिस ने अभी 4 को किया गिरफ्तार
एक पखवाड़े पूर्व हुआ था जातीय संघर्ष, एससी एक्ट में हुआ था मामला दर्ज
प्रशासन ने गांव में लगाई धारा 144

भारत सारथी/ कौशिक

नारनौल। खेड़ी कांटी गांव में बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे एक समुदाय के कुछ लोगो ने दूसरे समुदाय के एक लड़के को बुरी तरह धारदार हथियारों से प्रहार कर चोटिल कर दिया। आरोपियों ने एक युवक को योजनाबद्ध तरीके से घेरकर पैरों व सिर के पीछे तेजधार हथियारों से हमला करके बुरी तरह घायल कर दिया। चोटिल युवक को पहले बहरोड कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। बाद में अति गंभीर हालत में उसे जयपुर ले जाया गया जहां वह उपचाराधीन है। पुलिस ने देर रात हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त में नहीं आये है। मामले में गांव के ही एक जाति विशेष के दो व्यक्ति जो हरियाणा पुलिसकर्मी है कि अहम भूमिका बताई जा रही है। इस घटना के पीछे वोटों की राजनीति को भी एक अहम कारण बताया जा रहा है। एक पखवाड़े पूर्व एक जाति विशेष के लोगों द्वारा दूसरी जाति के लोगों के ऊपर एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज करवाया गया था यदि इस घटना से पुलिस ऐतिहात बरतती तो शायद यह घटना न घटती। प्रशासन ने तनाव को देखते हुए गांव में धारा 144 लगा दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार रात की 8:30 बजे के लगभग कुछ लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से गांव खेड़ी कांटी निवासी पवन पुत्र प्रताप सिंह को घेरकर हमला किया। पुलिस में दी गई शिकायत में संदीप ने आरोप लगाया है कि 20- 25 आदमियों ने धारदार हथियारों के साथ यह हमला किया ।शिकायत में यह भी आरोप है कि हमला करने से पहले हमलावरों अश्वनी पार्षद के घर एक बैठक कर इसे योजना का हिस्सा बनाया।

गांव वालों का अभी आरोप है कि गांव खेड़ी के ही जय सिंह व रोहतास नामक दो निवासी जो हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं ने हमलावर महेश पहलवान और उसके साथियों को सहदी और भागने में मदद की। इस मामले में महेश पहलवान हेमराज अश्वनी पार्षद शहीद अनेक लोगों के नाम शिकायत दी गई है। पुलिस ने देर रात मामला दर्ज कर 4 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पर गांव वालों का कहना है कि मुख्य आरोपी महेश पहलवान जय सिंह तथा रोहतास आदि अनेक लोगों को पुलिस ने जानबूझकर छोड़ा हुआ है।

जैसे ही घटना की सूचना पुलिस तक पहुंची तो थाना प्रभारी संतोष कुमार तथा कांटी पुलिस चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे क्योंकि मामला काफी गर्मआया हुआ था और ताजा था गांव वाले आक्रोशित थे और भीड़ को देखते हुए आनन-फानन में पुलिस अधीक्षक को सूचित किया गया कनीना पुलिस उप अधीक्षक रेवाड़ी पुलिस उप अधीक्षक कथा पुलिस अधीक्षक महेंद्रगढ़ भारी पुलिस दलबल के साथ गांव में पहुंचे और गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस लोगों को समझाती नजर आई और लोगों की शिकायत पर 4 लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

वीरवार दोपहर गांव के एक मंदिर में गांव की खुली पंचायत हुई जिसमें गांव की सभी बिरादरी के लोगों ने भाग लिया। इस पंचायत में कनीना पुलिस उपाधीक्षक रणबीर सिंह, अटेली थाना प्रभारी संतोष कुमार, अटेली तहसीलदार राजेश कुमार पंचायत के बीच पहुंचे। गांव वालों ने प्रशासन को 24 घंटे की मोहलत दी है कि यदि समय रहते आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो 24 घंटे के बाद गांव के लोग सड़क पर आ जाएंगे। इस पर पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने गांव वालों को आश्वस्त किया की जिला पुलिस भरकस प्रयास कर रही है आरोपियों को छोड़ा नहीं जाएगा और गिरफ्तारी के लिए अनेक दल बनाए गए हैं। गांव में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जाए।

इस पंचायत के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पुलिस उपाधीक्षक ने स्वीकार किया कि पुलिस को मामले को समझने में थोड़ा चूक हुई है। उन्होंने कहा कि हम गांव वालों को समझा रहे हैं आपसी सद्भाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन आरोपियों के नाम शिकायत दी गई है भले ही चाहे वह पुलिस में कार्यरत हो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आनन-फानन में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग दल बनाए गए हैं। जो अनेक स्थानों पर छापेमारी कर गिरफ्तारी का प्रयास कर रहे हैं।

गांव वालों का कहना है कि यह घटना एक पखवाड़े पूर्व उपरोक्त नामजद लोगों की साजिश राजपूत बिरादरी के कुछ लोगों पर ऐसी एसटी एक्ट लगवाने के साथ शुरू हुई थी। उस समय गांव के एक मंदिर में कुछ मूर्तियां तोड़ी गई और राजपूत बिरादरी के लोगों को ऊपर आरोप लगाया गया, कि यह मूर्तियां इन लोगों ने तोड़ी। गांव वालों ने पंचायत में खुला आरोप लगाया कि मूर्ति तोड़ने की साज़िश के पीछे गांव के ही निवासी जयसिंह तथा रोहतास उनके साथी हेमराज अश्वनी पार्षद ने साजिशन तरीके सेघटना को अंजाम दिया था और निर्दोष लोगों को अपनी साजिश का शिकार बनाया। आरोप है कि यदि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेकर दोनों पक्षों के कुछ लोगों के ऊपर सख्ती से मामला दर्ज करती तो यह घटना नहीं घटती।

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