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कमल के फूल को वार्ड नंबर सात में मिल रही जबरदस्त टक्कर

यहां पर मटका भी बिगाड़ सकता है कमल के फूल की रंगत को

वार्ड नंबर सात में सबसे बड़े गांव बोहड़ाकला की निर्णायक भूमिका

फतह सिंह उजाला

गुरुग्राम /पटौदी । जिला परिषद चेयरमैन सहित जिला पार्षद के चुनाव के परिणाम घोषित होने की जैसे-जैसे तिथि नजदीक आ रही है, वैसे ही अलग-अलग वार्ड से भी उम्मीदवारों की हार जीत के कयास नाम से अधिक उनके सिंबल पर लगाए जा रहे हैं। जिला गुरुग्राम सहित पटौदी विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े गांव बोहड़ाकला जो कि वार्ड नंबर सात में शामिल है , इसी वार्ड नंबर 7 में गांव ऊंचा माजरा, ढाणी कुंभावास, ढ़ाणी शंकर, कुंभवास ढाणी , खेमू वाली, चित्रसेन की ढाणी, ढाणी मंदिर वाली , ढाणी मूसेपुर, ढाणी लाल सिंह, ततारपुर, मोकलवास और पुखरपुर इत्यादि शामिल है । कुल मिलाकर जिला पार्षद वार्ड नंबर 7 में मतदाताओं की संख्या लगभग 11800 के करीब बताई गई है । इसमें से लगभग 8000 महिला और पुरुषों तथा युवाओं के द्वारा अपने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जाने की जानकारी भी सामने निकल कर आई है ।

लेकिन इसी वार्ड से सबसे अधिक चुनौती उसी बात को दोहराते हुए कहना पड़ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के कमल फूल और सिंबल पर चुनाव लड़ने वाली उम्मीदवार अंजू रानी को उनके मुकाबिलों के द्वारा दी जा रही है । जन चर्चाओं के मुताबिक वार्ड नंबर 7 से तिकोना मुकाबला भाजपा के असंतुष्ट खेमे से ही कहे जाने वाली कविता शर्मा पत्नी विक्रम शर्मा तथा मटका का चुनाव चिन्ह पर मुकाबिल बनी पिंकी और सीधे-सीधे भाजपा सिंबल पर चुनाव लड़ने वाली अंजू रानी के बीच में आका गया है । चुनाव के बाद और चुनाव परिणाम से पहले लोगों के बीच की गई चर्चाओं और हार जीत के गणित के मुताबिक जो आकलन बताए जा रहे हैं , उसके मुताबिक वार्ड नंबर 7 में भाजपा से असंतुष्ट होकर पूर्व जिला पार्षद सुशील सिंह चौहान के मित्र और उनके शिक्षण संस्थान के निदेशक विजय शर्मा की पत्नी कविता शर्मा के चुनाव चिन्ह गैस सिलेंडर की गर्माहट सबसे अधिक महसूस की जा रही है। लोगों के बीच बातचीत के बाद चर्चाओं के अनुसार यदि क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव बोहड़ाकला और इसके साथ लगने वाली छोटी-छोटी पंचायत अथवा ढाणी पंचायत के लोगों के द्वारा , जिस प्रकार से चुनाव के दौरान समर्थन गैस सिलेंडर धारी कविता शर्मा को दिया गया । वह अंतिम समय तक बरकरार रहा , तो इस बात की कोई गुंजाइश बाकी ही नहीं है कि यहां से कविता शर्मा जिला पार्षद बनने की प्रबल दावेदार की जा रही है ।

इसी कड़ी में एक और रोचक तथा राजनीतिक महत्वकांक्षी योजना के तहत पटौदी मंडी परिषद में शामिल गांव नरहेड़ा के मूलनवासी अशोक कुमार के द्वारा गांव माजरा में वोट बनवा कर अंतिम समय में पत्नी अंजू रानी को भाजपा की टिकट दिला कर चुनावी मैदान में उम्मीदवार बनाया गया । ऐसे में क्षेत्र के सबसे बड़े गांव बोहड़ाकला सहित आसपास की ढ़ानियां जो कि अब छोटे गांव के रूप में पहचान बना चुकी हैं। वहां यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया की बाहरी उम्मीदवार का बहिष्कार करो और घर के अपने उम्मीदवार कविता शर्मा को जीता कर बोहड़ाकला के मान सम्मान को चार चांद लगाओ । यह मुद्दा और नारा नामांकन भरने से लेकर मतदान होने तक विशेष रुप से सबसे बड़े गांव बोहड़ाकला में हर जबान पर बना हुआ देखा गया। वार्ड नंबर 7 में भाजपा से जुड़े रहे पूर्व जिला पार्षद सुशील शर्मा के मित्र की विजय शर्मा की पत्नी कविता शर्मा सहित वार्ड नंबर 7 से जिला पार्षद का चुनाव गांव बोहड़ाकला के मान सम्मान से जोड़कर ही 36 बिरादरी के लोगों के द्वारा लड़ते हुए अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया गया । दूसरी ओर इसी कड़ी में जो अन्य मुकाबिल नजदीकी बताया गया वह पिंकी पत्नी अमित यादव को बताया गया है । पिंकी मटके के चुनाव सिंबल के साथ में अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय रही ।

यहां जन चर्चाओं के मुताबिक क्षेत्र के सबसे बड़े गांव बोहड़ाकला और साथ में मौजूद छोटी पंचायतें जोकि ढाणी पंचायत के नाम से अब पहचान बनाए हुए हैं , वहां भी इस बात को लेकर लोगों में नाराजगी सहित चर्चा बनी रही की भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं के सामने आखिर ऐसी क्या मजबूरी बन गई , जो वार्ड नंबर 7 में शामिल गांव के अंदर एक भी ऐसा योग्य कार्यकर्ता या उम्मीदवार नहीं मिला ? जिसे की भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता वार्ड नंबर 7 में पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ने से परहेज करते ही रहे ।

गांव नरहेड़ा जो कि पटौदी मंडी नगर परिषद में शामिल हो चुका है , शहरी क्षेत्र के इस गांव के उम्मीदवार को आखिर ग्रामीण अंचल के लोगों और मतदाताओं पर किस रणनीति के तहत थोपा गया ? यही वह मुद्दा मतदान के अंतिम समय तक पूरी तरह से गर्म रहा , जिसके कारण बोहड़ाकला के ही मूल निवासी पूर्व जिला पार्षद और उनके मित्र विजय शर्मा के बीच भाजपा सहित भाजपा की टिकट देने वाले नेताओं के लिए नाराजगी बनी हुई देखी गई। टिकट बांटने और वितरण को लेकर वार्ड नंबर 7 से ही सबसे पहले जिला पार्षद चुनाव में भाजपा टिकट बांटने में बंदरबांट किया जाने के आरोप सहित चर्चाओं का बाजार भी गर्म होता चला गया । अब यह तो आगामी 27 नवंबर संडे को ही साफ हो सकेगा कि सबसे बड़े गांव बोहड़ाकला और सास लगती छोटी ढाणियों की पंचायत के लोगों के द्वारा यदि बोहड़ाकला के मान सम्मान और स्वाभिमान को मुद्दा बनाकर अपने मताधिकार का, गिनती के बाद निर्णायक फैसला गैस सिलेंडर के सिंबल पर चुनाव लड़ने वाली कविता शर्मा के पक्ष में आता है तो निश्चित ही भारतीय जनता पार्टी भारतीय जनता पार्टी की जिला इकाई जिला परिषद के चुनाव प्रभारी भाजपा जिला प्रमुख और स्थानीय एमएलए एडवोकेट सत्यप्रकाश जरावता के लिए भी कहीं ना कहीं बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है ।

बहरहाल लोगों के द्वारा किया गया मतदान और अपनी अपनी पसंद के उम्मीदवार का भविष्य ईवीएम में बंद किया हुआ है । जो कुछ भी परिणाम आना है , उसके लिए 27 नवंबर संडे तक इंतजार करने के अलावा अन्य कोई विकल्प भी नहीं बचा हुआ है। लेकिन जिस प्रकार की लोगों के बीच चर्चाएं हैं और बातें कही जा रही हैं , वह निश्चित रूप से ही भारतीय जनता पार्टी के खेमे के लिए चिंता का कारण बनी हुई महसूस की जा रही है।

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