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शीघ्र व सुलभ न्याय, कोई अपील नहीं, अंतिम निपटारा, समय की बचत

फैसले की भी उतनी ही अहमियत, जितनी सामान्य कोर्ट के फैसले की

लोक अदालत में दोनों पक्षों में राजीनामे पर ही मामलों का निपटारा

फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम । 
    जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव श्रीमती ललिता पटवर्धन ने बताया कि अदालत में लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से समय समय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में गुरुग्राम जिला में 26 नवंबर को लोक अदालत लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि वादकारी उपरोक्त अदालत में सुलह समझौते के लिए स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपने केसों का निस्तारण करा सकते हैं।

श्रीमती ललिता पटवर्धन ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का कोई प्रकरण न्यायालय में लंबित है तो वह लोक अदालत के माध्यम से उसका निस्तारण करा सकता है। लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति व राजीनामे से सौहार्दपूर्ण वातावरण में पक्षकारों की रजामंदी से विवाद निपटाया जाता है। इससे शीघ्र व सुलभ न्याय, कोई अपील नहीं,  अंतिम रूप से निपटारा, समय की बचत जैसे लाभ मिलते हैं।राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक लोन से संबंधित मामले, मोटर एक्सीडेंट, एनआईएक्ट, फौजदारी, रेवेन्यू, वैवाहिक विवाद का निपटारा किया जाएगा।

श्रीमती पटवर्धन ने बताया कि आपसी सहमति से हल हो सकने वाले मामलों में लोक अदालत बहुत ही कारगर सिद्ध हो रही हैं और लोक अदालत में सुनाए गए फैसले की भी उतनी ही अहमियत है जितनी सामान्य अदालत में सुनाए गए फैसले की होती है। उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत में सुनाए गए फैसले के खिलाफ अपील दायर नहीं की जा सकती। लोक अदालत में सस्ता और सुलभ न्याय मिलता है। इन राष्ट्रीय लोक अदालतोें के माध्यम से लोगों का बिना समय व पैसा गवाएं केसों का समाधान किया जाता है। राष्ट्रीय लोक अदालतों में ना तो किसी पक्ष की हार होती है और ना ही जीत बल्कि दोनों पक्षों की आपसी सहमति से विवादों का समाधान करवाया जाता है।

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