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कांग्रेस का 1942 की अंग्रेजों भारत छोडो आंदोलन की तर्ज पर भारत जोडो आंदोलन, संघी तब और अब खिलाफत मेें : विद्रोही

16 मई 2022 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने एक बयान में कहा कि आज से 80 साल पहले महात्मा गांधी ने कांग्रेस का नेतृत्व करते हुए 1942 में संघीयों व मुस्लिम लीग को छोडकर पूरे देश के साथ अंग्रेजों भारत छोडों का जो नारा देकर अंग्रेेजी हुकूमत को भारत से निकालने का शखंनाद किया था और 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों को भारत छोडना पडा और भारत आजाद होकर आज दुनिया का सबसे बडा लोकतांत्रिक देश बन चुका है। विद्रोही ने कहा कि यह बिडम्बना ही है कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत को आजाद कराने वाली कांग्रेस को 80 वर्षग् पूर्व अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोडो आंदोलने चलाया था, आज उसी कांग्रेस को फिर से भारत जोडो आंदोलन चलाने को मजबूर होना पडा। बिडम्बना यह है कि जब कांग्रेस 80 वर्ष पूर्व महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोडो आंदोलन चला रहीे थी, तब भी संघी महत्मा गांधी-कांग्रेस की खिलाफत करके अंग्रेजी हुकूमत के मुखबिर-दलाल बने हुए थे और आज आजादी के 75 साल बाद जनता ने लोकतांत्रिक ढंग से उन्ही अंग्रेजी हुकूमत के दलाल व मुखबिरों को देश की सत्ता सौंप दी। 

विद्रोही ने कहा कि अंग्रेजों के दलाल-मुखबिर संघीयों को 2014 मेें लोकतांत्रिक ढंग से भारत की जनता द्वारा सत्ता सौंपनेे का यह दुष्परिणाम है कि आज संघी अंग्रेजों की नीति पर चलते हुए भारत कीे जनता में साम्प्रदायिक उन्माद, नफरत फैलाकर-बाटकर अपनी सत्ता को कायम रखने के लिए देशे को कमजोर कर रहे है। संघीयों की तिडकमी चालों से एकबार फिर भारत मेें धर्म के आधार पर समाज में विघटन व बटवारा हो रहा है। आमजन संघी सरकार की कुनीतियों के कारण बढ़ी बेकारी, भूखमरी, गरीबी, भ्रष्टाचारे, आर्थिक बदहालीे आदि जनमुद्दों को भूलाकर धर्म की अफीम चाटकर और अनावश्यक बातों में उलझाकर आपस में लडते रहे और संघी सत्ता आनंद उठाते रहे, मोदी सरकार इसी रणनीति के तहत काम कर रही है।

मोदीे-भाजपा-संघ की इस साम्पद्रायिक, उन्मादी, नफरतभरी राजनीति के चलते बटते भारत को एक करने की जरूरत है। इसी कारण 1942 की अंग्रेजों भारत छोडो आंदोलन की तर्ज पर भारत जोडो आंदोलन चलाना पड़ रहा है। विद्रोही ने कहा कि उदयपुर नवसंकल्प शिविर में कांग्रेस ने भारत जोडो आंदोलन का जो शंखनाद किया है, वहीं भावना भारत की एकता, अखंडता को मजबूत करके नफरतभरी संघी, साम्पद्रायिक, उन्मादीे राजनीतिे को देश से छुटकारो दिलाकर एकबार फिर देश व आजनों को खुशहाली, शांति व सामाजिक सदभाव की तरह ले जायेगा। विद्रोही ने देश-प्रदेश के लोगों से अपील की कि व कांग्रेस के भारत जोडो आंदोलन से जुडकर देश में लोकतंत्र, संविधान च धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करे। 

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