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आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष पर सांस्कृतिक कार्यक्रम

एमएलए सीनियर सेकेंडरी स्कूल जाटोली में उत्साह सहित उमंग
छात्र छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किए
प्रतिभागी विजेता छात्र  स्कूल प्रबंधन कमेटी द्वारा पुरस्कृत

फतह सिंह उजाला

पटौदी । आजादी के अमृत महोत्सव मनाने का सिलसिला अभी भी विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में उत्साही छात्रों सहित स्कूल प्रबंधन कमेटी के द्वारा जारी है । इसी कड़ी में बुधवार को मुंशीलाल आनंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल जाटोली परिसर में छात्र छात्राओं के द्वारा शिक्षाप्रद देशभक्ति से ओतप्रोत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।  स्कूल के छात्र छात्राओं के द्वारा महिला शिक्षा पर्यावरण भारतीय सनातन संस्कृति और असामाजिक मुद्दों पर केंद्रित नाटक सहित नृत्य प्रस्तुत कर सहपाठी छात्रों और स्कूल के अध्यापक गण की खूब वाहवाही लूटी गई ।

छात्र छात्राओं के द्वारा विभिन्न सामाजिक बुराइयों और कुरीतियों पर नाटक के माध्यम से कटाक्ष करते हुए सामाजिक कुरीति और बुराई को समूल समाज से मिटाने का संदेश दिया गया । श्री कृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष पर छात्र छात्राओं के द्वारा भगवान श्री कृष्ण की रासलीला का भी मनोहारी मंचन किया गया । श्री कृष्ण रासलीला को देखकर माहौल पूरी तरह से भक्तिमय बन गया । सहपाठी छात्रों ने इस दौरान भक्ति पूर्ण गीतों पर तालिया बजाते हुए छात्रों का उत्साहवर्धन किया। मुख्य रूप से संजय तथा चंचल के द्वारा शिव पार्वती का रूप धारण कर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया गया।

इस मौके पर स्कूल के प्रिंसिपल हरीश कुमार भारद्वाज, स्कूल प्रबंधन कमेटी के पूर्व प्रबंधक विजयपाल चौहान, पीटीआई ज्ञान सिंह चौहान, प्रवक्ता हेम चंद्र शर्मा, सुरेंद्र यादव , लेखाकार राजेंद्र , कृष्ण कुमार , सुनील प्रकाश सहित अन्य अध्यापक गण भी मौजूद रहे । कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी छात्र छात्राओं को स्कूल प्रिंसिपल हरीश भारद्वाज और प्रबंधन कमेटी के पूर्व प्रबंधक विजयपाल चौहान के द्वारा समृति चिन्ह पुरस्कार में देकर छात्र छात्राओं का आह्वान किया गया कि खेलकूद सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के साथ ही अपने पठन-पाठन पर भी गंभीरता से ध्यान दें। जीवन में शिक्षा का सबसे अधिक महत्व है । यथासंभव जितना हो सके अभिभावकों के सहयोग से उच्चतर शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए । शिक्षा एक ऐसा धन है, जिसे कोई भी अन्य व्यक्ति किसी से भी जबरदस्ती ने तो छीन सकता है और ना ही लूट सकता है। शिक्षित व्यक्ति ही समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करते हैं।

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