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यदि आजादी अमृत महोत्सव कार्यक्रम भारत के जन-जन का कार्यक्रम है तो इनमें विपक्षी दलों के विधायकों, सासंदों, नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा विपक्ष से जुड़े स्वतत्रंता सेनानी परिवारों को सम्मानजनक रूप से आमंत्रित क्यों नही किया जा रहा? विद्रोही
एक भी स्थान पर किसी भी स्वतंत्रता सेनानी से ध्वजारोहण नही करवाना बताता है कि भाजपाई-संघीयों के मन में स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कितना सम्मान है? विद्रोही

10 अगस्त 2022 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि जिन संघीायों का आजादी आंदोलन में पैसेभर का भी योगदान नही रहा, उन भाजपाईयों-संघीयों ने आज सत्ता दुरूपयोग से आजादी अमृत महोत्सव कार्यक्रमों को भाजपा-संघ कार्यक्रम में बदलकर एक तरह से आजादी आंदोलन व स्वतत्रंता सेनानियों का अपमान किया है। विद्रोही ने भाजपा सरकार व प्रशासन से पूछा कि सरकारी पैसों, संसाधन से मनाये जा रहे आजादी अमृत महोत्सव कार्यक्रम देश का कार्यक्रम है या भाजपा पार्टी का कार्यक्रम है? यदि आजादी अमृत महोत्सव कार्यक्रम भारत के जन-जन का कार्यक्रम है तो इनमें विपक्षी दलों के विधायकों, सासंदों, नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा विपक्ष से जुड़े स्वतत्रंता सेनानी परिवारों को सम्मानजनक रूप से आमंत्रित क्यों नही किया जा रहा? विद्रोही ने कहा कि सरकारी धन, सांसधनों से मनाया जा रहा आजादी अमृत महोत्सव कार्यक्रम पर सत्ता दुरूपयोग से भाजपा-संघ का कब्जा करना स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान है या अपमान? भाजपा सरकार व उसके प्रशासन को इसका जवाब देना होगा कि विपक्ष के साथ ऐसा भेदभाव व उपेक्षापूर्ण व्यवहार क्यों किया जा रहा है? 

विद्रोही ने कहा कि 15 अगस्त 2022 के स्वतत्रंता कार्यक्रम साधारण स्वतत्रंता दिवस कार्यक्रम न होकर आजादी अमृत महोत्सव कार्यक्रम है जिनमें सभी की समान भागीदारी होनी चाहिए। लेकिन हरियाणा सरकार ने आजादी अमृत महोत्सव के रूप में 15 अगस्त ध्वजारोहण समारोह के लिए प्रदेश में 75 स्थान चयनित किये है, उनमें केवल तीन स्थानों पर बेरी में विपक्ष के नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, खरखौदा में कांग्रेस राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा व पुन्हाना में इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला को मुख्यातिथि के रूप में ध्वजारोहण के लिए आमंत्रित किया है।

विद्रोही ने कहा कि 75 स्थानों में केवल तीन स्थानों पर विपक्षी नेताओं को मुख्यातिथि बनाना मात्र खानापूर्ति है ताकि कोई यह नही कह सके विपक्ष की भागीदारी नही थी। आजादी अमृत महोत्सव में ऐसी औच्छी राजनीति कहां तक उचित है? वहीं आजादी अमृत महोत्सव के अवसर पर 75 स्थानों पर मनाये जाने वाले कार्यक्रमों मेें 70 स्थानों पर भाजपा-जजपा सांसद व विधायक ही ध्वजारोहरण करेंगे। एक भी स्थान पर किसी भी स्वतंत्रता सेनानी से ध्वजारोहण नही करवाना बताता है कि भाजपाई-संघीयों के मन में स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कितना सम्मान है?

1997 में भी आजादी की स्वर्ण जयंती मनाई गई थी जिसमें हरियाणा सहित पूरे देश में सत्तापक्ष, विपक्ष व स्वतत्रंता सेनानियों की हर जगह सम्मानजनक भागीदारी रही थी। विद्रोही ने कहा कि आजादी अमृत महोत्सव कार्यक्रम को सत्ता दुरूपयोग से अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा-संघ कार्यक्रम में बदलना छोटी व औच्छी राजनीति का परिचायक है। 

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